फिरोजपुर [अमनदीप सिंह]। पुलिस नशा तस्करों की शिकायत करने पर नाम गुप्त रखने का भरोसा देती है, लेकिन इस पर खरी नहीं उतरती है। इसी कारण यहां की दाना मंडी में रहते एक परिवार को नशा तस्करों का विरोध करना बहुत महंगा पड़ गया। तस्करों ने परिवार को डराना धमकाना शुरू कर दिया। तस्करों के खौफ के कारण परिवार को अपना घर छोड़ना पड़ा।

पीड़ित परिवार जब दूसरी जगह रहना लगा तो तस्करों ने वहां जाकर भी उनके घर में तोडफ़ोड़ करके फायरिंग की। परिवार के लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। हद तो तब हो गई जब हमले की सूचना देने पर पुलिस में उनकी सुनवाई नहीं की। इससे पंजाब पुलिस का वह दावा खोखला सिद्ध हो रहा है जिसमें कहा गया कि पुलिस को नशा तस्करों की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। बड़ा सवाल यह है कि इस परिवार का नाम और पता तस्करों को किसने उपलब्ध करवाया।

पीड़ित विजय कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी, बच्चा और माता-पिता हैं। उनका आरोप है कि नशा तस्करों ने शाम को जब उनके घर पर हमला बोला तो उन्हें अपनी जान बचाकर घर से भागना पड़ा। विजय ने कहा कि सभी हमलावर हथियारों से लैस थे। उन्होंने हवा में फायरिंग भी की। किस्मत अच्छी थी कि दूसरे दरवाजे से वे सभी घर छोड़कर भाग निकले, नहीं तो उनके घर के सभी सदस्यों कत्ल कर दिया जाता।

हमले के बाद भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

विजय कुमार ने बताया कि वह दाना मंडी में रहते थे। वहां उन्हें आसपास नशा तस्करों से काफी परेशानी हो रही थी। इसको लेकर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्हें भरोसा था कि पुलिस तस्करों पर कार्रवाई करेगी और वह परिवार सहित आराम से रह सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तस्करों को उनके शिकायत देने के बारे में भनक लग गई। नशा तस्करों ने एक माह पहले उनके भाई पर हमला किया था। इसके बाद भाई का मेडिकल करवाया गया तो नशा तस्करों में से कुछ पर धारा 325 के तहत सिटी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद तस्करों ने उन्हें और भी परेशान करना भी शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस को इस बारे बताया, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

​पुलिस से बेखौफ नशा तस्करों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। पुलिस की तरफ से कोई मदद न मिलती देख उन्हें अंततः 23 दिन पहले घर शिफ्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वह फिरोजपुर के कस्बा मल्लांवाला के धर्मपुरा में मकान लेकर रहने लगे। तस्करों ने वहां पर भी उन्हें प्रताड़ित करने में कसर नहीं छोड़ी। तीन मार्च की शाम को मल्लांवाला खास में दो दर्जन लोगों ने हथियार सहित उन पर हमला बोल दिया। नशा तस्करों ने घर का सारा सामान तोड़ डाला और फायरिंग भी की।

परिवार को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं नशा तस्कर

विजय कुमार के मुताबिक नशा तस्कर उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं। उसे और उसके पिता को इस बारे में जब यकीन हो गया तो उन्होंने 23 दिन पहले ही फिरोजपुर की दानामंडी से घर खाली कर दिया और फिरोजपुर के कस्बा मल्लांवाला के धर्मपुरा में मकान लेकर रहने लगे। तब सोचा कि शायद अब उन्हें तस्करों की प्रताडऩा से राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मल्लांवाला पुलिस की कार्रवाई भी ढीली

विजय कुमार के मुताबिक 3 मार्च की घटना के सारे गांव वाले गवाह हैं। पुलिस ने मौके पर आकर जायजा लिया लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्हें डर है कि हमलावर कहीं दोबारा उन पर हमला न करे दें।

एसएचओ के आते ही आरोपितों के खिलाफ होगी कार्रवाई

मल्लांवाला थाना के एसएचओ जतिंदर सिंह के शहर से बाहर होने की स्थिति में एएसआई दर्शन सिंह मौके पर गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सारा मामला देख लिया है। इसकी पूरी जानकारी एसएचओ को दे दी गई है, उनके आते ही आरोपितों के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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