जागरण संवाददाता, फिरोजपुर : एनपीए (नॉन प्रेक्टिस अलाउंस) खत्म करने के विरोध में डॉक्टर एसोसिएशन ने सिविल अस्पताल में काले बिल्ले लगाकर रोष जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों को एनपीए 24 घंटे इमरजेंसी की सेवाएं देने के लिए मिलता था, जोकि सरकार ने खत्म करना बिलकुल गलत है। इससे पहले पदाधिकारियों ने सरकार से मिलकर एनपीए का नाम बदलकर स्पेशल मेडिकल पेय रखने की मांग की थी, उस पर भी सरकार ने कोई अमल नहीं किया।

एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को डॉक्टरों ने बैठक की। इसमें उन्होंने काले बिल्ले लगाकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। पदाधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएं दे रहे हैं, जिसमें उन्हें दिन रात ड्यूटी के लिए तैयार रहना होता है और डॉक्टर ड्यूटी करते भी है।

एमडी मेडिसिन डॉ. गुरमेज सिंह गोराया ने बताया कि डॉक्टर अपनी ड्यूटी से कभी पीछे नहीं हटते हैं। दिन-रात जब भी उन्हें इमरजेंसी में बुलाया जाता है तो वह हमेशा खड़े रहते हैं। इसलिए सरकार से उनकी मांग है कि पहले एनपीए का नाम स्पेशल मेडिकल पेय रखा जाए, फिर इसे खत्म करने के फरमान को तुरंत प्रभाव के साथ रद किया जाए। रोष जताने में सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. विशाल बजाज, डॉ. नवीन सेठी, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ. रीचा धवन, डॉ. पूजा, डॉ. रचना मित्तल, डॉ. राजन मित्तल, डॉ. सुशमा ठक्कर और डॉ. दिशनिन मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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