संवाद सहयोगी, अबोहर : नहरी विभाग की नहरबंदी के कारण शहरवासियों को पानी की तंगी हो रही है। अब गांववासी व किसान भी परेशान होने लगे हैं। नहरी विभाग ने पहले पांच दिसंबर को पानी छोड़ने की बात कही थी। अब 10 दिसंबर तक पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है।

विभाग के एक्सईएन मुख्त्यार सिंह राणा का कहना है कि नहरों की सफाई के लिए नहरबंदी की गई है, लेकिन मजदूर न मिलने से इस काम में देरी हो रही है। अब नहरों में रेत व मलबा निकालने का काम जेसीबी की मदद से करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि मंगलवार तक सफाई का काम हो जाएगा व उसके बाद पानी छोड़ दिया जाएगा। उधर, नहरबंदी से शहरी क्षेत्र में पांच दिन बाद ट्यूबवेल की सप्लाई से काम चलाया जा रहा है। सीवरेज बोर्ड के एक्सईएन जुगल किशोर का कहना है कि कि नहरबंदी के कारण पानी की कमी तो है ही व इससे शहरी क्षेत्र में ट्यूबवेल का पानी रोटेशन वाइज सप्लाई किया जा रहा है। नई आबादी क्षेत्र में स्टोरेज का पानी का सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर नहरबंदी लंबी चलती है तो मुश्किल पैदा हो सकती है हालांकि अब भी तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं नहरबंदी के कारण गांवों में पानी की तंगी का सामना करना पड़ रहा है। गांवों के वाटर वकर्स में पानी खत्म हो चुका है। पहले यह नहर बंदी 11 से 27 नवंबर तक थी, लेकिन नहरी विभाग द्वारा किसी तकनीकी खराबी के चलते यह नहरी बंदी 20 नवंबर से की गई थी, जो 5 दिसंबर तक थी व अब 10 दिसंबर तक की सूचना है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!