जागरण टीम, फिरोजपुर : कोरोना संक्रमण से लड़ाई में सरकारी मुलाजिम ही लापरवाही बरत रहे हैं और संक्रमित होने के बाद भी दफ्तरों आ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग के आफिस में बुधवार को कोरोना संक्रमित मुलाजिम मिलने से विभाग में हड़कंप भी मच गया। हालांकि बात करने पर वे आफिस से निकल गए। अधिकारियों के पास कोई चेक प्वाइंट नहीं जो कोरोना संक्रमितों पर नजर रख सके।

वहीं फिरोजपुर में टेस्टिग कैंपों में कोरोना संक्रमितों मिलने से सेहत विभाग के माथे पर चिता की लकीरें बढ़ गई है। फिरोजपुर कैंट रेहड़ी मार्केट में हुई टेस्टिग में पांच सब्जी विक्रेता, फिरोजपुर शहर में हलवाई और कंफेक्नरी शाप पर काम वाले और रेहड़ी चालकों में पांच संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा मल्लांवाला में दो सब्जी विक्रेता संक्रमित मिले। वीरवार को कैंट के झोक रोड, दिल्ली गेट और मल्लां वाला में कोरोना टेस्टिग कैंप लगे थे। इसके अलावा जिले में वीरवार को 224 संक्रमित मिले। इस साल का ये सबसे अधिक आंकड़ा है। 10 सब्जी वाले संक्रमित, आइसोलेशन में भेजा, कैंट की मंडी शिफ्ट

कंटोनमेंट बोर्ड की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर दुकानदारों व रेहड़ी वालो की टेस्टिग तेज कर दी गई है। छावनी सब्जी मंडी में बोर्ड की ओर से 74 सब्जी विक्रेताओ की टेस्टिग की गई, जिनमें से चार सब्जी विक्रेता कोरोना पाजिटिव पाए गए। इससे पहले एक सब्जी विक्रेता संक्रमित मिला था। रेहड़ी मार्केट से कम्यूनिटी स्प्रेड के खतरे को देखते हुए मंडी को रोड पर शिफ्ट किया गया है और सब्जी विक्रेताओ को मॉस्क व सेनेटाइजर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए है। मरीजो को आइसोलेट किया गया है ताकि उनका सही उपचार हो सके। जो लोग उनके संपर्क में आए थे, उनकी पहचान कर उनकी भी टेस्टिग की रही है। वीरवार को 130 लोगो के सैंपल लिए गए है। कंटोनमेंट बोर्ड के ऑफिस सुपरिंटैंडेंट मनजीत सिंह ने मरीजों के लिए 50 बैड की सुविधा की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बढि़या सुविधाए व उपचार मुहैया करवाया जा सके। दिल्ली गेट पर पांच संक्रमित मिले

दिल्ली गेट पर लगाए गए कैंप में हलवाई और दुकानों पर काम करने वालों का कोरोना टेस्ट किया गया तो पांच संक्रमित मिले। फूड सेफ्टी आफिसर हरजिदर सिंह ने कहा टेस्ट के बाद आरआइपीसीआर रिपोर्ट लोगों को मौके पर दी गई। 83 लोगों के टेस्ट किए गए। जो संक्रमित पाए गए सेहत विभाग के मुलाजिम उनके घर जाकर जरूरी सामान पहुंचाएंगे।

चिंता की बात

जब तक टेस्ट के बाद रिपोर्ट नहीं आती तो आवेदक को घर रहना चाहिए। अगर किसी विभाग में संक्रमित मिला तो चिता की बात है। लोगों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी होगी सरकारी तौर पर जो प्रयास किए जा रहे है लोग भी उसमें सहायता करें।