संवाद सहयोगी, फिरोजपुर : मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी को रद करवाने के लिए कामरेडों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को सीपीआइ (एम) के वर्करों ने छावनी में डीसी ऑफिस का घेराव किया। छब घंटे तक चले धरने में कामरेडों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली।

धरने का नेतृत्व जिला सचिव कामरेड हंसा सिंह और जिला सचिवालय सदस्य कुलदीप सिंह खुंगर ने की। कामरेड सुखविंदर सिंह सेखों ने कहा कि मोदी सरकार देश में काले कानून लाकर पक्षपात कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत को 1947 वाला देश नहीं बनने देंगे। सेखों ने कहा कि मोदी सरकार ने 2014 के मतदान से पहले हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। काला धन वापस लाने, लोगों के लिए अच्छे दिन लाने के वादे किए थे, लेकिन 12 करोड़ नौकरियां तो क्या देनी, लोगों से नौकरियां छीनने का काम किया जा रहा है।

कामरेडों ने कहा कि देश के रेलवे, एयर इंडिया, बीएसएनएल और पेट्रो केमिकल आदि को बड़े कम दाम में कारपोरेट अदारों को बेचा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पंजाब के मसले चंडीगढ़ और पंजाबी बोलते इलाके पंजाब को दिए जाएं। कामरेड हंसा सिंह और कुलदीप खुंगर ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार घर-घर रोजगार देने, किसानों का समूह कर्ज माफ करने, बुढ़ापा व विधवा पेंशन दो हजार रुपये देने से मुकर गई है। उन्होंने मांग की कि काश्तकारों की निकासी जमीन की रद्द की मालकी बहाल की जाए। बॉर्डर ऐरिया में तार से पार जमीनों का मिलने वाला मुआवजा दिया जाए। शिक्षा और सेहत सुविधाओं में सुधार किया जाए।

मनरेगा मजदूरों को 200 दिन काम और 700 रुपये दिहाड़ी मांगी

बग्गा सिंह प्रधान ने मांग की कि मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी कम से कम 700 रुपये प्रति दिन और साल में 200 दिन काम दिया जाए। बुढ़ापा, विधवा पेंशन 6000 रुपये प्रति महीना दी जाए। बेघरों को 10 -10 मरले के प्लाट दिए जाएं और मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये अनुदान मिले। इस मौके पर दर्शन सिंह, पाल सिंह, महेंद्र सिंह, गुलजार सिंह, भाग सिंह, हरदीप सिंह सरपंच, बलविंदर सिंह, मेहर सिंह सरपंच आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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