जेएनएन, फिरोजपुर। लोकोमोट बीमारी से ग्रस्त दो फीट आठ इंच की दसवीं की टॉपर अनमोल बेरी की डीसी बनने की इच्छा पूरी करने के बाद शहर ने अब छठी में पढ़ने वाली 11 वर्षीय छात्रा खुशी का प्रिंसपिल बनने का सपना साकार किया है। अनमोल की तरह खुशी की भी महज पौने तीन फीट की है। उसका हौसला बढ़ाने के लिए उसे सोमवार को सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक दिन के लिए प्रिंसिपल बनाया गया।

खास बात यह है कि खुशी को सुबह घर से रिसीव करने के लिए विधायक परमिंदर सिंह पिंकी और स्कूल प्रिंसिपल राजेश मेहता खुद पहुंचे। स्कूल पहुंचने पर बैंड-बाजे के साथ खुशी का स्वागत किया गया। इसके बाद वह प्रिंसिपल रूम में पहुंचकर उनकी कुर्सी पर बैठी। खुशी का स्वागत भी ठीक उसी तरह किया गया, जिस तरह से एक दिन की डीसी बनी अनमोल का हुआ था। बाद में 'प्रिंसिपल खुशी' के साथ विधायक, छात्राओं और गणमान्य लोगों ने लंगर भी छका।

विधायक ने दी 51 हजार रुपये की एफडीआर

बता दें कि खुशी ने कुछ दिन पहले विधायक पिंकी के सामने स्कूल प्रिंसिपल बनने की इच्छा तब जताई थी जब वह कुछ दिन पहले इसी स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम और लैब का उद्घाटन करने पहुंचे थे। तब उन्हें पता चला था कि खुशी के पिता नहीं हैं। वह बेहद गरीब परिवार से है। खुशी से बातचीत के दौरान विधायक पिंकी ने उसका सपना पूरा करने का भरोसा दिया था। इसी के बाद विधायक ने खुशी को एक दिन के लिए स्कूल का प्रिंसिपल बनाने का फैसला लिया। इस मौके पर विधायक की तरफ से खुशी को 51 हजार रुपये की एफडीआर भी करवाकर दी गई है। इसे वह जरूरत पड़नेे पर इस्तेमाल कर सकती है।

स्कूल में आरओ सिस्टम और मिड मेड शेड पर छत लगवाने की इच्छा जताई

प्रिंसिपल बनने के बाद खुशी ने स्कूल का दौरा किया। उसने स्कूल में बनाए गए नए वाटर हार्वेटिंग सिस्टम का जायजा लिया और वहां मौजूद सभी अतिथियों को नए सिस्टम के बारे में बताया। खुशी ने स्कूल में आरओ सिस्टम और मिड मेड शेड पर छत लगवाने की इच्छा जताई, जिसे विधायक पिंकी ने जल्द ही पूरा करने का भरोसा दिया।

खुशी को आशीर्वाद देने के लिए जगराओं स्थित नानकसर कलेरा गुरुद्वारा साहिब से बाबा लक्खा सिंह जी खास तौर पर पहुंचे। उन्होंने विधायक के इस प्रयास पर खुशी व्यक्त की। इस मौके पर एडीसी रविंदरपाल संधू, एसडीएम अमित गुप्ता, डिप्टी डीईओ कोमल अरोड़ा, नगर काउंसिल ईओ चरणजीत शर्मा, पंचायत समिति मेंबर वृषभान शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

मां रोजी ने कहा, बेटी को सम्मान मिलता देख हुई खुशी

खुशी की मां रोजी बाला ने बताया कि उनके पति बाबूराम की दो साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई है। उनका खुद का भी शारीरिक विकास नहीं हुआ। हालांकि उनकी बड़ी बेटी इसी स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ती है और उसकी लंबाई ठीक है। छोटी बेटी खुशी के शरीर का विकास कम हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां पढऩे में अच्छी है। बेटी को मिले सम्मान से वह गदगद हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की रोजी-रोटी का कोई जरिया उनके पास नहीं है। वह चाहती हैं कि उन्हें सरकार की ओर से कोई नौकरी मिल जाए ताकि वह अपनी दोनों बेटियों की परवरिश कर सकें।

डीसी, प्रिंसिपल के बाद आगे कौन

एक दिन की डीसी अनमोल बेरी के बाद एक दिन की प्रिंसिपल खुशी को बनाए जाने के बाद शहरवासियों में चर्चा शुरु हो गई है कि अब आगे क्या किसे बनाया जाएगा। हालांकि कुछ लोग उक्त दोनों मामलों को जहां फिरोजपुर के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैंं तो वहीं कुछ लोग इसे जमीनी हकीकत से परे कह रहे हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि लड़कियों को एक दिन का डीसी व प्रिंसिपल बनने से कुछ नहीं होने वाला बल्कि लड़कियों में सुरक्षा व आत्मविश्वास की भावना पैदा करना ज्यादा जरूरी है, जिससे लड़कियां ही उनके माता-पिता भी महफूज समझेंं।

Posted By: Kamlesh Bhatt

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