दर्शन सिंह, फिरोजपुर : महंगी रेत-बजरी के कारण लोगों का घर बनाना मुश्किल बना हुआ था। विधानसभा चुनाव निकट आते देख मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने रेत और बजरी के दामों से संबंधित लोक लुभावनी घोषणा की। उन्होंने रेत के साढ़े पांच रुपये प्रति फुट दाम तय किए। यह अभी घोषणा तक ही सीमित नजर आ रही है। स्थिति ये है कि सरकार द्वारा तय रेटों के बावजूद रेत विक्रेता अपनी मनमानी चला खरीदारों से 18 से 20 रुपये फुट तक दाम वसूल रहे हैं। हालांकि कई जिलों में प्रशासन ने खड्ड रेत लाकर फुटकर बेचने का रेट निश्चित कर दिया है, लेकिन अभी यहां अभी जिला प्रशासन ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।

बजरी के दाम की बात करें तो 29 रुपये से लेकर 30 रुपये फुट तक खुदरा विक्रेता वसूल रहे हैं। यही नही काली रेत (मोटी रेत) के दाम भी खरीदारों से 38 रुपये फुट तक वसूल किये जा रहे हैं। मंगलवार के दिन दाना मंडी के निकट खुदरा दाम पर रेत और बजरी बेचने वाले अड्डे पर पहुंचकर इस बारे में पता किया गया तो वसूले जा रहे दामों की हकीकत साफ नजर आई। रेट सुनकर ऐसा लगा जैसे कि विक्रेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा तय किये दामों की जरा सी भी परवाह न हो । एक ट्राली के वसूले जा रहे 34 सौ रुपये

रेत से भरी ट्राली की बात करें तो विक्रेताओं द्वारा 170 फुट रेत के भरी ट्राली के 32 सौ से लेकर 34 सौ रुपये वसूले जा रहे हैं। विक्रेता ये कहकर मनमानी के रेट लगा रहे है कि सरकार के तय दाम खनन (खड्ड)वाली जगह के लिए हैं। आम व्यक्ति के लिए वहां तक पहुंच करना मुश्किल होता है। डिपो पर सरकार बेच सकती है तय दाम पर रेत व बजरी

विक्रेताओं से बात करने पर उन्होंने कहा कि खनन (खड्ड) वाली जगह से भी तय दाम पर रेत नही मिलती। खरीदार से अपने व्हीकल का खर्च करने समेत धार्मिक कार्य के नाम से हजार रुपये फंड वसूला जाता है। वह कहते हैं कि जो दाम सरकार ने तय किये है इन रेटों सरकार सरकारी डिपो पर ही कंस्ट्रक्शन का सामान बेच सकती है। खुदरा दाम पर बेचने वाले लोगों के बस की बात नही है। मीटिग कर तय किये जाएंगे खुदरा दाम :एसडीएम

एसडीएम फिरोजपुर ओम प्रकाश भी इस बात को स्वीकार रहे हैं। वह कहते हैं कि जल्द इस मामले में डीसी साहिब के साथ मीटिग कर खुदरा दाम तय किए जाएंगे। खड्ड पर दाम साढ़े पांच रुपये रेट है। अगर किसी तरह से लोगों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे है तो जांच करवा कार्रवाई करेंगे।

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