अमृत सचदेवा, फाजिल्का

समय सुबह 10.30

एक तरफ से आवाज आती है सरकार बनाम हजारी लाल, थोड़ी देर बाद दूसरी जगह से आवाज आती है राजो बनाम संदीप कुमार। यह वह पल थे, जिसका इंतजार भले ही फाजिल्का के जिला बनने के 16 माह बाद बाद समाप्त हो गया, लेकिन इन आवाजों को सुनने के लिए मानो कई दशक का इंतजार हो रहा हो। जी हा यह पल थे, फाजिल्का में शुरू हुई अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय में शुरू हुई मुकदमों की सुनवाई के लिए अर्दली द्वारा लगाई गई पहली आवाज के।

करीब दो दशक लंबे चले संघर्ष के बाद 27 जुलाई, 2011 को फाजिल्का को जिले का दर्जा मिला था। लेकिन न्यायापालिका की तरफ से फाजिल्का को पूर्ण जिले का दर्जा यहां अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ इस साल आठ दिसंबर को दिया गया। यहां पधारे पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एके सीकरी व अन्य माननीय न्यायाधीशों ने विधिवत रूप से अदालतों का शिलान्यास करने के बाद यहां नियुक्त किए गए अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीशों को पदभार ग्रहण करवाया। फाजिल्का में फिलहाल दो न्यायाधीशों जेपीएस खुरमी और सुमित मलहोत्रा की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों से फाजिल्का के साथ-साथ इससे जुड़े अबोहर व जलालाबाद उपमंडल के हजारों लोगों को रोजाना सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर फिरोजपुर स्थित अदालतों में जाने के चक्कर से मुक्ति मिलेगी।

लोगों की खुशी की हद यहीं समाप्त नहीं हुई बल्कि हाइकोर्ट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस कमेटी द्वारा मंजूर किए गए जूडीशियल कांप्लेक्स का शिलान्यास भी चीफ जस्टिस सीकरी ने बार्डर रोड पर स्थित रेडक्रास भवन के साथ सटी 12 एकड़ जमीन पर किया। कांप्लेक्स निर्माण पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए भवन का शिलान्यास चीफ जस्टिस सीकरी ने विधिवत रूप से पूजन करवाकर किया। उन्होंने नए बनाए जा रहे भवन के मैप का अवलोकन भी किया।

सीकरी ने कहा कि वह यहां आकर खुद भी यह महसूस कर रहे हैं कि सही मायनों में फाजिल्का जिले के बाशिंदों को इंसाफ अब मिला है। इस मौके पर उनके साथ जस्टिस जसबीर सिंह, जस्टिस सूर्यकांत, हाइकोर्ट की बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस कमेटी के चेयरमैन जस्टिस रंजीत सिंह, जस्टिस जसवंत सिंह, जस्टिस आरके नागरा, जस्टिस आरपी गर्ग, केबिनेट मंत्री सुरजीत ज्याणी, सांसद शेर सिंह घुबाया, डीसी डा. बसंत गर्ग, एडीसी चरणदेव सिंह मान आदि मौजूद थे।

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