अमृत सचदेवा, फाजिल्का

नगर सुधार ट्रस्ट की ओर से शिक्षा के प्रसार के लिए दान दी गई सेठ मुंशीराम अग्रवाल चेरीटेबल ट्रस्ट की जमीन को अधिग्रहित कर मुनाफा कमाने के लिए उस पर कालोनी काटने के प्रयासों के खिलाफ विरोध के स्वर लगातार मुखर होते जा रहे हैं। लोगों की भावनाओं को देखते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने भी जमीन की किसी भी कीमत पर अधिग्रहण न होने देने की चेतावनी दी है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष एडवोकेट मनोज त्रिपाठी को स्थानीय नई आबादी में एक कार्यक्रम के दौरान नई आबादी, चंदोरा बस्ती व धींगड़ा कालोनी के बाशिंदों ने मांगपत्र सौंपा जिसमें इन बस्तियों के साथ लगती उक्त 16.38 एकड़ भूमि का अधिग्रहण रुकवाने की मांग की गई थी। इस पर अध्यक्ष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा लोगों की भावनाओं की कद्र करती है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो वह सरकार के जरिये स्थानीय निकाय विभाग को उक्त जगह का अधिग्रहण रद कराने की मांग करेंगे। अगर नगर सुधार ट्रस्ट फिर भी नहीं माना तो कानून का सहारा भी लिया जाएगा।

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कालेज ट्रस्ट की चुप्पी संदिग्ध

इस सारे प्रकरण में कालेज ट्रस्ट की चुप्पी शहरवासियों को काफी अखर रही है। हालांकि कालेज ट्रस्ट सीधे एतराज जताने की बजाए नगर सुधार ट्रस्ट के प्रशासक एवं डीसी डा. बसंत गर्ग से भी मिल चुका है। इस संवेदनशील मामले में साथ के साथ एतराज लगाने की बजाय चुपचाप बैठे ट्रस्टियों से शहरवासियों को बहुत आस है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक अगर नगर सुधार ट्रस्ट यह जमीन अधिग्रहित करता है तो कलेक्टर रेट छह लाख रुपये प्रति एकड़ के तीन गुणा ज्यादा के भाव से 16 एकड़ भूमि के करीब पांच करोड़ रुपया मिलेगा। जबकि जमीन की मार्केट वैल्यू इससे पांच से छह गुणा अधिक है। इसलिए ट्रस्ट को सरकारी एजेंसी को मुनाफा कमाने देने से रोकने के लिए एतराज जताने चाहिए।

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