अमृत सचदेवा, फाजिल्का

नगर सुधार ट्रस्ट द्वारा सरकारी एमआर कालेज के साथ जुड़े सेठ मुंशीराम अग्रवाल चेरीटेबल ट्रस्ट की फ्रीडम फाइटर रोड पर पड़ी 16.38 एकड़ कृषि भूमि पर रिहायशी व कमर्शियल प्लाट काटकर बेचने के प्रयासों के विरोध में दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित समाचार के बाद हलचल शुरू हो गई है। कालेज ट्रस्ट के सदस्य नगर सुधार ट्रस्ट द्वारा उक्त जगह को खाली बताकर निकाले गए नोटिस से हैरान परेशान हैं, वहीं शहरवासियों में बच्चों की शिक्षा के लिए दान में मिली जगह बेचने का विरोध शुरू हो गया है।

शहर के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों ने जगह अधिग्रहण के खिलाफ एतराज लगाने की बात कही है, वहीं कालेज ट्रस्ट को भी इस बारे में अपना रुख जाहिर करते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उसके बावजूद जमीन बेचने का प्रयास हुआ तो शहरवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

खुद नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन महेंद्र प्रताप धींगड़ा ने हैरानी जताते हुए कहा कि उक्त जगह पर किसी काश्तकार ने कब्जा कर रखा है। कालेज ट्रस्ट व कब्जाधारक के बीच केस भी चल रहा है। ऐसे में नगर सुधार ट्रस्ट उस जगह को अधिग्रहित करने के बारे में कैसे सोच सकता है।

सरकारी कालेज की ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवंत सिंह वैरड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक गुलबद्धर, संयुक्त सचिव इंजीनियर नवदीप असीजा ने कहा कि शिक्षा के लिए जो जमीन दान दी गई है, उसे शिक्षा को ही प्रोत्साहित करने के लिए प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने कालेज ट्रस्ट से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। असीजा ने कहा कि 1983 में कालेज ट्रस्ट ने रातों-रात कालेज सरकार को सौंपकर एक गलती की थी, जिसकी सजा आज भी क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी भुगत रहे हैं।

ट्रक यूनियन अध्यक्ष एवं शहीद भगत सिंह स्पो‌र्ट्स क्लब के अध्यक्ष परमजीत सिंह वैरड़ और यूथ कांग्रेस के ब्लाक उपाध्यक्ष रंजम कामरा ने कहा कि शहर की सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक व शिक्षण संस्थाओं को कालेज ट्रस्ट का भूमि अधिग्रहण रोकने के लिए एतराज दायर करने चाहिए।

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कानूनन नहीं हो सकता अधिग्रहण

फाजिल्का : ग्रेजुएट्स एसोसिएशन के सचिव एवं सिविल इंजीनियर नवदीप असीजा ने बताया कि मास्टर प्लान के बिना नगर सुधार ट्रस्ट किसी खास खंड को विकसित नहीं कर सकता। पंजाब सरकार के डिपार्टमेंट आफ साइंस टेक्नालाजी, एनवायरमेंट एंड नान कन्वेंशनल एनर्जी के नोटिफिकेशन नंबर 3/6/7/एसटीई (4) / 2274 दिनांक 25 जुलाई 2008 में मास्टर प्लान की अनिवार्यता की बात स्पष्ट की गई है।

यह बात और भी जरूरी हो जाती है क्योंकि अब फाजिल्का शहर जिला मुख्यालय बन चुका है। इसके मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। लेकिन उक्त भूमि अधिग्रहण मामले में लगता है कि प्रशासनिक अधिकारी बिना कानूनी जानकारी लिए बिना प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया है। लागू भूमि अधिग्रहण नियम भी यह बात स्पष्ट करते हैं कि खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण व्यापारिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। कृषि भूमि का अधिग्रहण उसी सूरत में हो सकता है जब खेतीबाड़ी अधिकारी प्रमाण पत्र दें कि उक्त जमीन खेती करने लायक नहीं है, जबकि उक्त जमीन पर आज भी खेती हो रही है।

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