राज नरूला, अबोहर

कोरोना के कारण पिछले करीब डेढ़ साल से अबोहर-फाजिल्का ट्रेन न चलने के कारण यात्रियों को महंगे दाम पर बसों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

कोरोना के कारण मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में रेलवे ने गाड़ियां बंद कर दी थी, लेकिन अब तकरीबन सभी गाड़ियों को फिर से शुरू कर दिया है लेकिन, अबोहर फाजिल्का के बीच चलने वाली एक मात्र यात्री गाड़ी अभी तक शुरू नहीं की गई है। अबोहर-फाजिल्का ट्रेन दिन में एक बार ही आती-जाती थी। इस गाड़ी पर अबोहर से फाजिल्का का किराया मात्र दस रुपये है, जबकि बस पर अबोहर से फाजिल्का का किराया 50 रुपये है। यह गाड़ी बठिंडा से चलकर वाया मलोट अबोहर होते हुए फाजिल्का पहुंचती थी। गाड़ी शुरू न होने से जहां यात्री महंगा सफर करने को मजबूर है तो वहीं कई लोगों का कारोबार भी बंद ही पड़ा है। अब जब कोरोना का दौर खत्म हो चुका है व रेलवे ने तकरीबन सभी गाड़ियों को चलाने को हरी झंडी दे दी है तो फिर अबोहर-फाजिल्का के बीच चलने वाली यात्री गाड़ी अभी तक रेड झंडी में क्यों नहीं मिली यह बात समझ से परे है।

जल्द गाड़ियां शुरू करे रेलवे विभाग : अशोक गर्ग

रेलवे यात्री संघ के सदस्य अशोक गर्ग का कहना है कि अब जब सब कुछ सामान्य हो रहा है। स्कूल, कालेज, सिनेमा व पैलेस खोल दिए गए हैं तो ऐसे में यात्री गाड़ियां भी चलाई जाएं। गाड़ियां बंद होने से रेलवे को तो नुकसान हो ही रहा है, वहीं लोगों को भी प्राइवेट बसों पर महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह गाड़ी अबोहर निवासियों के लंबे संघर्ष के बाद शुरू हो पाई थी। लगता है कि अब फिर से गाड़ी शुरू करवाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। स्टेशन मास्टर ललित शर्मा ने बताया कि इस ट्रेक पर फिरोजपुर-हनुमानगढ़ इंटरसिटी गाड़ी चल रही है, जो सुबह पांच बजे के करीब फिरोजपुर से चलती है व अबोहर में आठ बजे के करीब पहुंचती है व अबोहर से होते हुए श्रीगंगानगर से हनुमानगढ़ तक जाती है। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी वापिस पर दोपहर को एक बजकर 42 मिनट पर पहुंचती है, जबकि दो मिनट के स्टापेज के बाद यहां से फाजिल्का से फिरोजपुर के चलती है। उन्होंने बताया कि एक मात्र गाड़ी अबोहर फाजिलका चलनी बाकी है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इसकी डिमांड कम होने की वजह से नहीं चलाई गई होगी। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि आगामी महीने से सभी गाडियां नियमित हो जाएंगी।

अब नहीं रहीं कोई पैंसेजर गाड़ी

रेलवे विभाग ने पैसेंजर गाड़ियों को भी स्पेशल का नाम दिया है व इसके लिए स्टापेज भी कम कर दिए है। जिसके चलते अब पैंसेजर गाड़ियां स्पेशल के नाम से चल रही है। इन गाड़ियों में कम से कम किराया एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाने का किराया तीस रुपये कर दिया गया है जबकि पहले कम से कम किराया मात्र दस रुपये हुआ करता था।

Edited By: Jagran