संवाद सूत्र, फाजिल्का : पंजाब मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी यूनियन की ओर से 24 अक्टूबर तक हड़ताल रखने का फैसला लिया गया था, जिससे उम्मीद थी कि जल्द ही लोगों की मुश्किलों का हल हो जाएगा। लेकिन कर्मचारियों द्वारा 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई हड़ताल ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। क्योंकि हड़ताल के चलते सर्टिफिकेट व रजिस्ट्री के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारी पिछले लंबे समय से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि अब हड़ताल को 31 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिसके तहत रोजाना तहसील कांप्लेक्स में धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा रजिस्ट्रियों के अलावा अन्य कार्य भी मुकम्मल रूप से ठप रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में सरकार ने उनकी मांगों का हल ना किया तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। उधर मंगलवार के धरने को भारतीय किसान यूनियन एकता डकौदा द्वारा भी समर्थन दिया गया और किसान इस धरने में शामिल हुए। रजिस्ट्री के लिए चक्कर काट रहे लोग

मंगलवार को तहसील परिसर में पहुंचे जोगिद्र सिंह ने कहा कि वह पिछले शुक्रवार को रजिस्ट्री के कार्य संबंधी आया था, तब उसे पता चला कि कर्मचारियों की हड़ताल है और सोमवार से कार्य होंगे। इसलिए वह मंगलवार को पहुंचा, लेकिन यहां आकर पता चला कि कर्मचारियों ने हड़ताल को आगे बढ़ा दिया है, जिस कारण अब उसे 31 अक्टूबर तक इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अष्टाम न मिलने से झेलनी पड़ रही परेशानी

तहसील में हड़ताल के कारण लोगों को अष्टाम मुहैया नहीं हो पा रहे हैं और तहसील परिसर में मौजूद अष्टाम फरोश भी अष्टाम न मिलने के कारण परेशान हैं। खजाना कर्मचारी 08 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं और पिछले 17 दिनों से कलमछोड़ हड़ताल होने के कारण अष्टाम नहीं मिल रहे हैं। अस्टाम फरोस यूनियन के अध्यक्ष भुपिदर हांडा ने बताया कि 20 हजार रुपए तक अष्टाम उन्हें खजाना दफ्तरों से मुहैया होते हैं, जिसके जरिए बे-नामा, बयान हल्फिया, बिजली,पानी के बिल माफी सबंधी छोटे अष्टाम या अन्य कार्रवाईयों के लिए मुहैया होने वाले अष्टाम पेपर हड़ताल के कारण नहीं मिल रहे है।

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