संवाद सूत्र, जलालाबाद : भट्ठा मालिकों की ओर से मेहनताना कम दिए जाने के विरोध में पिछले तीन दिन से फाजिल्का-फिरोजपुर रोड पर गांव घुबाया के निकट मजदूरों की ओर से हाईवे जाम है, जिस कारण बड़े वाहन अब भी सड़कों पर खड़े होने के लिए मजबूर हैं, जबकि छोटे वाहन चालकों को लिक सड़कों का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर, भट्ठा मजदूरों की देर रात तक प्रशासन के साथ बैठक जारी रही, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी मजदूरों को मनाने का प्रयास करते रहे।

धरना प्रदर्शन के दौरान भट्ठा मजदूर नेताओं ने बताया कि प्रशासन उनके साथ बैठक करके कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है, लेकिन अब तक उनके किए गए शोषण के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मेहनताना मजदूरों का हक है और उनका हक भट्ठा मालिकों द्वारा छीना गया है। भट्ठा मजदूरों को सरकारी रेट बहुत कम मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक हजार ईंट बनाने पर पांच सौ रुपया भट्ठा मालिक दे रहे हैं जबकि सरकारी रेट 820 रुपए है।दो माह पहले उन्होंने जलालाबाद के एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद फिर से ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन उनकी मांग को अनदेखा कर दिया गया, जिसके चलते उन्हें संघर्ष कर ना पड़ रहा है। उधर, हाईवे पर धरने के कारण जहां दूर दराज जगहों से फाजिल्का आने वाले लोग काफी परेशान हैं, तो वहीं मंडी लाधूका से जलालाबाद जाने वाले लोगों को भी लंबा चक्कर काटकर आना व जाना पड़ रहा है।

जलालाबाद से फाजिल्का आ रहे मनोज कुमार ने बताया कि वह अपनी बहन के पास किसी कार्य के लिए झा रहा थे और उसे सुबह जाकर शाम को लौटना है। लेकिन धरना लगे होने के कारण उसे गांवों के जरिए मंडी लाधूका तक पहुंचाना पड़ेगा। अपनी मांग को लिखित में दे यूनियन : भोरीवाल असिस्टेंट लेबर कमिश्नर एसके भोरीवाल ने कहा कि पहले किए काम की मजदूरी न मिलने के मामले संबंधी मजदूर लिखित तौर पर उनके कार्यालय को अपना दावा दें, जिसकी जांच करके तुरंत उनका बनता हक दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा मांग पत्र संबंधी दोनों पक्षों में बातचीत के उपरांत यदि कोई फैसला नहीं होता तो मांग पत्र कार्य कमिश्नर पंजाब को आगे वाली सुनवाई के लिए भेजा जाएगा। यदि दोनों पक्ष कार्य कमिश्नर के फैसले पर सहमत नहीं होते तो लेबक कोर्ट में यह केस विभाग द्वारा रेफर किया जाएगा।

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