मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : पंजाब में भाजपा ने अपने बड़े व सीनियर नेता सुरजीत कुमार ज्याणी को एक बार फिर से बड़ी जिम्मेदारी देते हुए फाजिल्का का उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में काफी कम वोटों से हुई हार के चलते उनकी राह आसान नहीं रहेगी।

वह फाजिल्का से तीन बार विधायक रह चुके हैं और साल 2012 में चुनाव जीतने के बाद पंजाब कैबिनेट में स्थान बनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसे में वह अन्य प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। फाजिल्का में अब तक की सियासत की बात करें तो यहां से पांच बार कांग्रेस व चार बार भाजपा जीत हासिल कर चुकी है। शुरुआत में फाजिल्का सीट कांग्रेस का गढ़ रही, लेकिन 1985 में भाजपा के उम्मीदवार ने इस गढ़ में सेंध लगाई। लेकिन इसके बाद आजाद उम्मीदवार ने चुनाव जीता, जिसके बाद एक बार फिर भाजपा की जीत हुई। लेकिन 1992 में आजाद उम्मीदवार का चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार को कांग्रेस ने टिकट दी और वह 2002 में जीत हासिल करने में कामयाब हुए। लेकिन 1997 के बाद भाजपा उम्मीदवार सुरजीत ज्याणी ने फिर से एंट्री की और 2007 के बाद 2012 में भी जीत हासिल की, जिसके बाद उन्हें पंजाब का स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।

सुरजीत ज्याणी के अब तक के करियर में बड़ी उपलब्धि की बात करें तो फाजिल्का को जिला बनाने में उन्होंने अहम भूमिका अदा की। अब तक आप नरेंद्रपाल सिंह सवना, शिअद हंसराज जोसन और अब भाजपा सुरजीत ज्याणी को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है। जबकि कुछ किसानी पार्टी और आजाद उम्मीदवारों की पिक्चर साफ होना अभी बाकी है। प्रोफाइल

हलका-फाजिल्का

सुरजीत ज्याणी

शिक्षा-9वीं पास

इसलिए मिला टिकट: सुरजीत का मुख्य पेशा किसानी ही है। किसानी से जुड़े होने के कारण ही भाजपा ने उन्हें फिर से टिकट थमाते हुए जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन अभी फाजिल्का की सियासी पिक्चर पूरी तरह से साफ नहीं है।

Edited By: Jagran