संवाद सहयोगी, फाजिल्का : किसान धड़ल्ले से पराली जला रहे हैं। इससे बढ़ी स्मॉग के कारण दूसरे दिन भी सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। शनिवार को सुबह से शाम तक ठंड का अहसास होता रहा। धुएं के गुबार से दमे और आंखों के मरीजों के साथ-साथ स्वस्थ लोगों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। कृषि विभाग द्वारा गांवों में जाकर किसानों को पराली न जलाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है, बावजूद इसके किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

दीवाली के बाद से ही पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है। उतना धुआं तो दीवाली के अगले दिन पटाखों से भी नहीं हुआ था, जितना दो दिन में पराली जलने से हुआ है। धुएं के साथ आसमान में छाई स्मॉग से ठंड बढ़ गई है। इससे बाजारों में लोगों की चहल-पहल कम हो गई है। धुएं के कारण सांस के मरीज अपने चेहरों पर मास्क लगाकर चलने को मजबूर हैं। जिले में अब तक पराली जलाने के 315 केस सामने आ चुके हैं, लेकिन सदर थाना पुलिस ने गांव थेहकलंदर में एक किसान का पराली जलाने पर केस दर्ज किया है।

एएसआइ महिदर सिंह ने बताया कि गांव थेहकलंदर के अंग्रेज सिंह ने पांच एकड़ जमीन में धान काटने के बाद 31 अक्टूबर को जमीन में बची नाड़ को आग लगा दी। इससे आसपास काफी धुआं फैल गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उक्त किसान के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया है।

तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने से समस्या का हल संभव

सिविल सर्जन दलेर मुल्तानी का कहना है कि पराली को आग और पटाखों के धुएं से बना गुबार ग्रीन हाउस का काम कर रहा है। सूर्य की किरणें न तो पूरी तरह से जमीन तक पहुंच रही हैं और न ही वापस जा रही हैं। तापमान में गिरावट और नमी में उछाल से बारिश होने के बाद ही शहर के लोगों को स्मॉग से राहत मिल सकेगी।

लोग घरों के आसपास करें पानी का छिड़काव : एसएमओ

सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुधीर पाठक ने कहा कि आसमान में छाए धुएं से बचने के लिए लोगों को अपने आसपास सुबह व शाम पानी का छिड़काव करना चाहिए। इससे सड़कों पर फैला धुआं नीचे बैठ जाएगा और उस जगह पर धुआं नहीं रहेगा। उन्होंने दमे के मरीजों को जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकालने की सलाह दी है। साथ ही मास्क लगाने को भी कहा।

डॉक्टरों की सलाह

- बच्चे बीमारी का शिकार जल्दी होते हैं, इसलिए उन्हें धूमपान करने वालों से दूर रखें।

- सुबह सूरज की किरणों के साथ स्मॉग और भी खतरनाक हो जाता है। घर के अंदर ही व्यायाम करें।

- खुले में निकलने से बचें।

- स्मॉग से बचने के लिए वयस्कों को प्राणायाम करना चाहिए।

- घर के आसपास अधिक से अधिक नीम व पीपल के पौधे लगाएं।

Posted By: Jagran

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