संवाद सहयोगी, अबोहर : पटियाला की अपना फर्ज सेवा सोसायटी ने सोशल मीडिया की मार्फत राजस्थान के अनूपगढ़ कस्बे में अबोहर के गांव रूहेडिय़ांवाली निवासी वर्षों से बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जा रहे एक व्यक्ति को छुड़ा कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है।

बंधक बनाए गए व्यक्ति की किसी ने गुप्त वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, इस बात की सूचना परिवार को मिली तो उन्होंने पटियाला के लखनी में चल रही संस्था अपना फर्ज सेवा सोसायटी के संस्थापक पाल खरोड़ से सम्पर्क किया। अपना फर्ज संस्था के संचालक पाल खरोड़ अपनी टीम के साथ श्रीगंगानगर के कस्बे अनूपगढ़ के गांव 13 एमडीए पतरोड़ा पहुंचे। जहां पर 13 एमडीए पतरोड़ा निवासी रमेश कुमार व राजीव कुमार ने गांव रुहेडियांवाली निवासी कुलविदर सिंह उर्फ किदर सिंह पुत्र करतार सिंह को पिछले 12 वर्षों से बंधक की तरह रखा हुआ था। लेकिन गांव के किसी व्यक्ति ने कुलविदर सिंह का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होता हुआ गांव रुहेडिय़ांवाली तक पहुंचा तो कुलविदर सिंह की पहचान उसके परिजनों ने कर ली। इसके बाद कुलविदर के परिजनों ने संस्था से सम्पर्क किया और फिर संस्था के सदस्यों ने को छुड़वा लिया।

इस बारे में जानकारी देते हुए कुलविदर ने बताया कि उसके पिता थोड़े भोले हैं और बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं। बात लगभग 12 वर्ष पहले की है, तब परिवार में हुई किसी बात को लेकर उसके पिता कुलविदर उर्फ किदर गुस्से होकर यह कहते हुए चले गए कि यहां उसका दिल नहीं लग रहा, वह अपने पैतृक गांव कंधवाला जिला तहसील जैतो जिला फरीदकोट जा रहे है। वह वहां पहुंच भी गया, लेकिन कुछ दिन बाद उसके पिता वहां से अपनी बहन भागेभाई के निकट स्थित दयालपुरा चले गए। यहां रहते हुए उसके पिता एक दिन सड़क पर टहल रहे थे कि वहां से गायब हो गए। इसके बाद उन्हें यह नहीं पता चला कि उन्हें कोई ले गया है या वे खुद अनूपगढ़ पहुंच गये। लेकिन अब उन्हें 12 वर्ष बाद वे मिले हैं।

जैसे ही संस्था ने पीड़ित को आरोपितों के चंगुल से छुड़वा कर परिजनों के सुपुर्द किया तो उसके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इसके बाद अबोहर सदर थाना पुलिस को सूचित किया गया। सदर थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान कलमबद्ध करके आगे की कार्रवाही शुरू कर दी है।

इस बारे में डीएसपी देहाती अवतार सिंह ने बताया कि कुलविदर सिंह दिमागी परेशान रहता था, जिसके कारण आरोपित उसे अपने साथ ले गए और कई वर्षों तक काम करवाते रहे। जांच के बाद जो दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाही की जाएगी।