संवाद सहयोगी, अबोहर : अलग अलग अंदाज से वर्ष 2021 को अलविदा कहा जबकि नव वर्ष 2022 का वेलकम किया। अधिकतर लोगों ने अपने अपने घरों में ही परिवार के साथ नव वर्ष का स्वागत किया तो कई लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कर 2021 को अलविदा कहा। लोगों ने एक ही अरदास की कि नया साल सुख शांति व बीमारी से रहत हो व कोरोना जैसी महामारी दोबारा न आए।

नर सेवा समिति ने हर साल की तरह इस साल भी नये साल का स्वागत श्री बाला जी के गुणगान व चरणों में मनाया। नये साल के उपलक्ष्य में श्री बाला जी का कीर्तन रिद्धि सिद्धि कालोनी में नीरज गावड़ी के निवास स्थान पर किया गया। जहां समिति के सदस्यों के अलावा कालोनी निवासियों ने बाला जी का गुणगान किया व नये साल का स्वागत किया। रात को केक काटा गया व आतिशबाजी की गई।

श्री गुरु नानक सेवक दल सिमरन सोसायटी स्त्री सत्संग सभा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब की ओर से सरबत संगत के सहयोग से नव वर्ष के उपलक्ष्य में कीर्तन दरबार व शुकराना समागम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न रागी जत्थों ने संगत को गुरबाणी का कीर्तन कर संगत को निहाल किया। सभी ने मिलकर सरबत के भले की अरदास की। उधर कुछ होटलों मे भी नये साल पर विशेष आयोजन किए गए जिसमें डीजे व खान पान शामिल है।

सोसायटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह, वाइस चेयरमैन मास्टर कुलवंत राय व पीआरओ गुरविदर सिंह विपन ने बताया कि समागम में गुरमत रागी ग्रंथी सभा अबोहर के सभी रागी जत्थे भाई सुरेंद्र सिंह जी शांत, भाई सुरजीत सिंह खालसा, भाई अमरीक सिंह जी, भाई राजविदर सिंह, भाई चरणजीत सिंह, भाई हरमीत सिंह, बाबा दर्शन सिंह, भाई सुखविदर सिंह, भाई प्रकाश सिंह, बीबी जसविदर कौर, भाई मनप्रीत सिंह, भाई अमनदीप सिंह, भाई रमनदीप सिंह व भाई तरसेम सिंह सरबत संगत को गुरबाणी कीर्तन वह गुरमत विचारों से निहाल किया विशेष तौर पर बाबा बचित्तर सिंह जी समागम में शामिल हुए। इसी दौरान किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई व किसान आंदोलन में अपने इलाके के हिस्सा लेने वाले अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों के भूतपूर्व डीआइजी लखविद्र सिंह, जाखड़ इंदरजीत सिंह बजाज, गुणवंत सिंह पंजावा, निर्मल सिंह बहाववाला, सुखविदर सिंह राजन, सुखमंदर सिंह बजीदपुर भोमा वसावा सिंह जगतार सिंह, निर्मल सिंह बिजली बोर्ड, हरी चंद, दलजीत सिंह गोल्डी, जगजीत सिंह संधू, जगजीत सिंह केरा खेड़ा जसविदर सिंह सोनू, सरबजोत सिंह व अन्य 50 किसानों को सोसायटी की ओर से सम्मान चिन्ह वह गुरु की बख्शीश सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।

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