संवाद सूत्र, फाजिल्का : जनवरी माह में जब कोरोना वैक्सीन लगाने की शुरुआत की गई तो लोगों का वैक्सीन पर विश्वास बनाने के लिए सेहत कर्मी सबसे पहले वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आए, लेकिन अब जब वैक्सीन को लेकर लोगों का विश्वास बढ़ता जा रहा है तो सेहत विभाग के पास काफी कम संख्या में वैक्सीन पहुंचने के चलते लगातार लोगों द्वारा रोष जताया जा रहा है। रविवार को फाजिल्का में दो जगहों पर वैक्सीन की कमी को लेकर हंगामा हुआ। लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह से लाइन में खड़े होने के बावजूद वैक्सीन नहीं लगाई गई। वहीं सेहत केंद्रों पर 300 डोज और 800 लोगों के पहुंचने के चलते सेहत स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

फाजिल्का जिले में पिछले एक माह में पांच हजार से लेकर आठ हजार तक कोरोना की वैक्सीन सेहत विभाग फाजिल्का को मिल रही है। लेकिन लोगों में जागरूकता बढ़ने के चलते हालात यह हैं कि वैक्सीन कम पड़ रही है और लोग ज्यादा। शनिवार को फाजिल्का के सरकारी कन्या स्कूल में 300 और डेरा सत्संग घर में 300 कोरोना की वैक्सीन दी गई, लेकिन दोनों जगहों पर छह से लेकर आठ सौ तक लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच गए। इस समय कोरोना की दूसरी डोज लगवाने वालों को डोज लगानी जरूरी है, जिसके चलते सेहत विभाग इस पर ध्यान भी दे रहा है।

पुलिस ने लोगों को किया शांत

फाजिल्का के सरकारी कन्या स्कूल में बनाए वैक्सीन सेंटर पर मौजूद संदीप कुमार, जगदीश कुमार ने कहा कि वह सुबह आठ बजे से लंबी लाइनों में लगे हुए हैं, लेकिन अब सेहत कर्मी कह रहे हैं कि वैक्सीन खत्म हो गई। कोई कह रहा है केवल दूसरी डोज वाले को ही वैक्सीन लगेगी। तो कोई पेपर देने वाले विद्यार्थियों को ही डोज लगने की बात कह रहा है। उधर सेहत कर्मियों ने इसकी सूचना थाना सिटी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत करवाया और लाइनों के जरिए वैक्सीन लगाने का काम शुरू हुआ।

सोशल डिस्टेंसिग का पालन जरूरी

सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा. सुधीर पाठक ने कहा कि उनके पास जो भी वैक्सीन आई थी उसे सरकारी स्कूल और राधा स्वामी सत्संग घर को उपलब्ध करवाया गया। लेकिन लोगों ने इन सेंटरों पर कोरोना की हिदायतों की परवाह न करते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। वैक्सीन लोगों के लिए ही है और उन्हें ही लगाई जानी है, लेकिन लोग गाइडलाइंस का पालन करें।

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