संवाद सूत्र, जलालाबाद : कोरोना महामारी के दौरान सेहत विभाग व बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के तहत आउटसोर्सिस कर्मचारियों की सेवाओं को 30 सितंबर को खत्म करने बारे नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जिसके विरोध में जलालाबाद के सिविल अस्पताल के बाहर वालंटियरों ने दूसरे दिन भी रोष प्रदर्शन किया व पंजाब सरकार के मेडिकल शिक्षा और खोज विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गई।

इस मौके तारा सिंह, जगसीर सिंह, पवन कुमार, अमरजीत कौर, रणजीत सुरजीत कौर और अन्य ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान सेहत विभाग और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी अधीन सैकड़ों वालंटियर्स को अलग -अलग अस्पतालों में रखा गया और उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मेडिकल सेवाओं में अपना सहयोग किया। लेकिन अब इनकी सेवाएं 30 सितंबर को खत्म करने बारे नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसका वह विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरियां देने की बात कह रही है, लेकिन यहां तो रोजगार कर अपने परिवार का गुजारा चला रहे कर्मचारियों की सेवाओं को ही खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनसे रोजगार छीना गया तो उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। इस लिए पंजाब सरकार और सेहत विभाग जारी किया नोटिफिकेशन वापस ले।

एक को मोहाली में गरजेंगी आंगनबाड़ी वर्कर संस, अबोहर : आल पंजाब आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की ओर से मांगों को लेकर एक अक्टूबर को मोहाली में किए जा रहे रोष प्रदर्शन में सभी आंगनबाडी वर्कर व हेल्पर बढ़चढ़कर भाग लेंगी। यूनियन की अबोहर ब्लाक प्रधान गुरवंत कौर व ब्लाक खुइयां सरवर प्रधान इंद्रजीत कौर व राजवंत ने बताया कि वे पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही।

इसी के रोष स्वरूप एक अक्टूबर को मोहाली में प्रांतीय स्तरीय रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी सेंटरों के छीने बच्चों को वापिस सेंटरों में भेजने, व उन्हें नर्सरी टीचर का दर्जा देने व हरियाणा पैट्रन पर मानभत्ता देने की मांग शामिल है।

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