मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : जिले में वीरवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश से शहर की मुख्य अनाज मंडी के तीनों प्रवेश द्वारों पर बारिश का पानी जमा हो गया है। इससे यहां गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मंडी में कीचड़ होने से किसान भी परेशान हैं। उनका कहना है कि अब कई दिनों तक मंडी में फसल बेचने के लिए बैठना पड़ेगा। फाजिल्का की अनाज मंडी में अब तक 25 हजार 77 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जो कि खरीदी जा चुकी है। हालांकि अभी 578 एमटी धान की खरीद बाकी है। इसके अलावा किसानों द्वारा लाया गया करीब 500 मीट्रिक टन धान भीग गया है।

वीरवार रात को भी रुक-रुककर बारिश होती रही। हालांकि सुबह धूप खिलने से किसानों ने राहत की सांस तो ली। किसान गांव मौजम के मंगल सिंह ने बताया कि वीरवार को फसल पूरी तरह से सूखने के बाद वह मंडी में उसे बेचने के लिए लाया था, बारिश के कारण उसका धान पूरी तरह से भीग गया। अब उसे धान सूखने तक मंडी में धान की रखवाली करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

तय समय में नहीं पूरा हो सका कार्य

सीजन की शुरुआत से पहले हलका विधायक ने यहां सीवरेज, सड़क बनाने के अलावा शेडों की मरम्मत के कार्य शुरू करवाए थे। इससे लग रहा था कि इस बार किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन ये कार्य किसी वजह से तय समय में पूरे नहीं हो सके।

बोरियों से भरी ट्रॉली पलटी

जगह जगह गड्ढे और उसमें भरे बारिश के चलते सारा दिन किसानों को मंडी में आने और जाने में परेशानी हुई। वहीं शुक्रवार को अनाज मंडी से बोरियां ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली गड्ढे में फंस जाने के कारण पलट गई। इससे कुछ समय तक यहां यातायात ठप हो गया। आसपास लगे मजदूरों ने ट्रैक्टर में भरी बोरियों को बाहर निकाला, जिसके बाद ट्रॉली को वहां से हटवाया गया।

अभी काफी पड़ा है सीवरेज का कार्य: सेक्रेटरी

मार्केट कमेटी के सचिव जगरूप सिंह ने कहा कि अभी मार्केट कमेटी में सीवरेज सिस्टम को डालने का काफी कार्य शेष पड़ा है। उन्होंने कहा कि मंडी में आ रही धान को साथ के साथ ही एजेंसियों द्वारा खरीदा जा रहा है। किसानों को किसी तरह की मुश्किल नहीं आने दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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