अमनदीप सिंह, फाजिल्का : सांसद शेर सिंह घुबाया ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर अपनी राह तो आसान कर ली, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की बौछार करने वाले सांसद घुबाया के फंड के साढ़े पंद्रह लाख रुपये इसी वर्ष लैप्स हो चुके है, जोकि फाजिल्का के हलकों के विकास कार्यों में इस्तेमाल किए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अगर समय रहते सांसद घुबाया पैसों का उचित इस्तेमाल करके लोगों के विकास कार्य में लगाते तो शायद आज लोग सुविधाओं का सफल लाभ ले रहे होते। सांसद शेर सिंह घुबाया के विकास कार्य में कम रुचि और अपने लेखा-जोखा में कमजोर होने का नतीजा यह सामने आया कि रुपये इस्तेमाल न होकर लैप्स हो गए।

सांसद शेर सिंह घुबाया को जो हर वर्ष संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए 2.5 करोड़ रुपये मिलते थे। उनमें फिरोजपुर संसदीय क्षेत्र के तहत फाजिल्का के चार ब्लॉक फाजिल्का, अबोहर, जलालाबाद और बल्लुआना भी शामिल हैं। फाजिल्का के जिला आंकड़ा विकास से मिले डाटा के मुताबिक सामने आया है कि 15.5 लाख रुपये लैप्स हो गए हैं, जोकि फाजिल्का के किसी गांव में पानी के टैंकर, टूटी सड़क, नालियां, नाल या किसी भी अन्य विकास कार्य में प्रयोग किए जा सकते थे, लेकिन सांसद की नजरअंदाजी और अन्य कार्यो में व्यस्तता का नतीजा यह हुआ कि अंत समय में 15.5 लाख रुपये लैप्स हो गए। जोकि अब नए सांसद के आसीन होने के बाद प्रयोग हो सकेंगे। इसके साथ ही अगर विकास कार्यों की बात करें तो फाजिल्का शहर या अन्य ग्रामीण इलाकों में अभी भी मूलभूत सुविधाओं का टोटा है, जिसकी वजह से लोग हर रोज समस्याओं से जूझते हैं और मुश्किल से वे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इससे पहले के विकास कार्यों की बात करें तो लोगों को नाममात्र ही विकास कार्यों का लाभ मिल पा रहा है। सांसद शेर सिंह की तरफ से गांवों में पानी के लिए दिए गए टैंकर भी अपने चहेतों को देने की चर्चाएं है, जिसकी वजह से कुछेक लोग पानी के टैंकर का इस्तेमाल करने से वंचित रह गए। ये टैंकर निर्माण कार्य के अलावा स्वच्छ पानी मुहैया करवाने के लिए उपलब्ध करवाए गए थे।

11 टैंकर खरीदे जा सकते थे

सांसद घुबाया की ओर से अगर लैप्स हुई 15.5 लाख रुपये की राशि को गांवों में पानी के टैंकर उपलब्ध करवाने में प्रयोग किया जाता तो 11 नए टैंकरों की खरीद की जा सकती थी। इससे लोगों को लाभ ही होना था। शेर सिंह घुबाया की ओर से गांवों में पहले बांटे गए प्रति टैंकर की कीमत 1.35 लाख रुपये आंकड़ों में बताई गई है। इस तरह से 15.5 लाख रुपये से 11 टैंकर आसानी से खरीद कर लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिए जा सकते थे।

घुबाया बोले, सारा फंड इस्तेमाल किया

सांसद घुबाया से ने अपने लगभग सारे फंड का इस्तेमाल करने की बात कही है, जबकि फाजिल्का का आंकड़ा विभाग 15.5 लाख रुपये समय पर इस्तेमाल न होने के कारण लैप्स होने की जानकारी दे रहा है।

Posted By: Jagran