संवाद सूत्र, फाजिल्का : फार्मेसी अफसर एसोसिएशन आफ पंजाब जिला फाजिल्का द्वारा मानी गई मांगों को लागू करवाने के लिए प्रांतीय कमेटी के आह्वान पर डीसी कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कर्मचारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि चुनाव के दौरान किए वादे को पूरा किया जाए।

इस मौके फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मचारियों के नेताओं ने बताया कि वह राज्य की डिस्पेंसरी में साल 2006 से कार्य कर रहे हैं। लेकिन समय समय की सरकारों ने उनकी ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना जैसी भयंकर महामारी में भी फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मचारियों ने अपनी व अपने परिवार की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की। लेकिन सरकार ने उनकी ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी तो सरकार का दावा था कि पहले महीने में ही गांवों की डिस्पेंसरी में कार्य करने वाले कर्मचारियों को पक्का कर दिया जाएगा। लेकिन आज भी उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि चन्नी सरकार ये दावा कर रही है कि उन्होंने 36 हजार कर्मचारियों को पक्का किया है, जो सच नहीं है। उन्होंने कहा कि गांवों की डिस्पेंसरी में कार्य करने वाले रूरल हेल्थ फार्मासिस्ट अफसर व दर्जा चार कर्मचारी तब तक संघर्ष नहीं खत्म करेंगे जब तक सरकार द्वारा उनकी मानी हुई मांगों को लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की 28 दिसंबर को होने वाली बैठक में फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मचारियों को पक्का नहीं करती तो गांव की डिस्पेंसरी को पूर्ण रूप से बंदकर सरकार के खिलाफ संघर्ष ओर तेज किया जाएगा।

इस मौके पर अशीष शर्मा, नरेश कुमार, अनिल कुमार, कर्मवीर सिंह, सुरेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र, आरती कुमार, मनोज कुमार, रवी प्रकाश, चंद्रप्रकाश, मदनलाल, सरबजीत सिंह, गुरजिदर सिंह, गुरदीप सिंह, जगजीत सिंह, गौतम, चेतराम, जसविदर सिंह, नवनीत कालड़ा, कर्मवीर सिंह, मोहिदर पाल, प्रभु दयाल व अन्य उपस्थित थे।

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