संवाद सूत्र, फाजिल्का : भारतीय किसान यूनियन उग्राहां द्वारा 10 मांगों को लेकर शुरू किया गया धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा किसान यूनियन का समर्थन किया गया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

इस मौके पर जिला प्रधान गुरभेज सिंह व महासचिव गुरबाज सिंह ने कहा कि किसान बीते एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही। जिस कारण किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में गुलाबी सूंडी के साथ नरमे की हुई तबाही और ओलावृष्टि कारण अन्य फसलों के खराबे के मुआवजे के 17 हजार रुपये सरकार से लौटी एकड़ और 10 प्रतिशत प्रति मजदूर परिवारों को मुआवजा लेना और सरकार की तरफ से घोषित 360 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का रेट किसानों हर गन्ना मिल द्वारा घोषित किया जाए, खुदकुशी पीडित किसानों मजदूरों के परिवारों को तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता और नौकरियां तुरंत दी जाए और ढाई एकड़ वाले किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन तुरंत दिए जाएं।

इस मौके धरने में छोटे साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया, जबकि शहीद ऊधम सिंह के जन्मदिन पर भी किसानों ने अपने विचार रखे। धरने के समर्थन में आई आशा वर्कर यूनियन ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई।

इस मौके पर नीलम कुमारी और दुर्गा बाई ने बताया कि लंबे समय से हम लोग सेवा कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने हमें कोई सुविधा नहीं दी और न ही पक्का किया गया। इस मौके राजदीप कौर, जोगिन्द्र कौर, हरी चंद, बलविन्दर कौर, राजेश, बघेल सिंह आदि ने संबोधित किया।

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