संवाद सूत्र, फाजिल्का : छठे वेतन आयोग के खिलाफ डाक्टरों की हड़ताल लगातार जारी है। वहीं मंगलवार को पंजाब एड्स कंट्रोल कमेटी ने भी डाक्टरों को समर्थन करते हुए सेहतमंत्री के नाम पर सिविल सर्जन कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरकारी अस्पताल में आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।

उधर, हड़ताल कर रहे डाक्टरों ने कहा कि छठे वेतन आयोग द्वारा सरकारी डाक्टरों को दिए जाने वाले एनपीए को कम कर दिया गया है और इसे बेसिक पे से भी डीलिक कर दिया गया है। वहीं पंजाब एड्स कंट्रोल कमेटी के सदस्यों ने कहा कि विभाग में उनके कर्मचारी पिछले लंबे समय से रेगुलर होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि उन्हें समय-समय पर सरकार द्वारा रेगुलर करने का विश्वास भी दिया जाता रहा है, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।

सरकारी अस्पताल डाक्टर के कमरे के बाहर लेटे बुजुर्ग जोगिद्र सिंह वासी सजराना ने कहा कि वह किसी के साथ अस्पताल में दवा लेने के लिए आया था, जो उसे अस्पताल छोड़कर वहां से चला गया। लेकिन यहां आकर पता चला कि डाक्टरों की हड़ताल चल रही है। । अगर डाक्टर आए तो वह अपना चैकअप करवाएगा, नहीं तो वापस लौट जाएगा।

आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए ढाणी मोहना राम से आए बुजुर्ग ने कहा कि हड़ताल के कारण उसे लग रहा था कि उसका कार्ड नहीं बनेगा, लेकिन यहां कार्ड बनाए जा रहे थे। लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने उनके कागजात अधूरे होने के कारण उसका कार्ड नहीं बनाया, जिसके चलते अब उसे फिर से यहां आना पड़ेगा। आज भी रहेगी हड़ताल

दूर दराज क्षेत्र या फिर फाजिल्का के आसपास के गांवों से अगर कोई व्यक्ति सरकारी अस्पताल में ओपीडी में आ रहा है तो वह बुधवार को ना आए। क्योंकि फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में डाक्टर 14 जुलाई को भी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं तो दी जाएंगी, लेकिन ओपीडी बंद रहेगी और दवाई व पर्ची काउंटर भी बंद रहेगा। डाक्टरों की हड़ताल से बढ़ा मरीजों का दर्द संवाद सहयोगी, अबोहर : एनपीए में कटौती के विरोध सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। हड़ताल के कारण डाक्टरों ने इमरजेंसी केसों को छोड़कर किसी तरह के मरीजों की जांच नहीं, जबकि ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रही। हड़ताल के कारण रोजाना शहर व आसपास के गांवों से आने वाले 300 से 400 मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को भी हड़ताल रहेगी ।

डाक्टरों ने अस्पताल प्रांगण में काले झंडों के साथ रोष प्रदर्शन किया। डा. मनमान मांजी ने कहा कि पंजाब भर के डाक्टर पिछले कई दिनों से सरकार के इस फैसले का विरोध जता रहे हैं। अगर सरकार ने बुधवार तक उनसे बातचीत नहीं की तो संघर्ष को तेज किया जा सकता है व इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने पर विचार किया जा सकता है। इस अवसर पर डा. गगनदीप सिंह, डा. अमन नागपाल, डा. पुलकित ठठई, डा. सारंग, डा. सोनिमा, डा. दीक्षी, डा. साहब राम समेत अस्पताल के सभी डाक्टर मौजूद थे। डाक्टरों की हड़ताल के कारण मेडिकल, डोप टेस्ट, मरीजों की जांच समेत अनेक कार्य ठप रहे। अस्पताल से निराश होकर लौटे मरीज

अबोहर के सरकारी अस्पताल में पहुंची बुजुर्ग संतरो देवी ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से रोजाना आ रही है, लेकिन डाक्टर मिलते नहीं। अब पता चला है कि डाक्टरों का अपना दर्द है जो सरकार दूर नहीं कर रही। इसके अलावा देसराज ने बताया कि वह दवा लेने के लिए आया था लेकिन डाक्टरों की हड़ताल के कारण उसे दवा नहीं मिल पाई। हड़ताल के कारण गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रा साउंड भी नहीं हो रहे व उन्हें बाहर से ही अल्ट्रा साउंड करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

Edited By: Jagran