संवाद सहयोगी, अबोहर : जिला बाल सुरक्षा विभाग की टीम ने यातायात पुलिस के सहयोग से शहर के विभिन्न स्थानों पर स्कूली वाहनों की जांच की । अनियमितताओं पाए जाने पर आधा दर्जन से अधिक वाहनों के चालान भी काटे।

जिला उपायुक्त अरविद पाल सिंह संधू व एसडीएम विनोद बांसल के निदेश पर बाल सुरक्षा अफसर कौशल परूथी के नेतृत्व में भूपेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी राजिद्र कुमार, जसविदर सिंह, राजेश कुमार ने सरकारी कन्या स्कूल के निकट खड़ी अवैध स्कूली वैनों व मिनी बसों की जांच की व यातायात मापदंडों पर खरा न उतरने पर करीब आठ वाहनों के चालान काटे। अधिकारी ने बताया कि सेफ वाहन पालिसी के तहत किसी भी स्कूली वैन का पीला रंग होने के साथ साथ उनमें कैमरे लगे होने चाहिए। इसके अलावा प्राथमिक उपचार किट तथा अग्निशमन यंत्र जरूर होने चाहिए। इसके अलावा स्कूली वैनों में महिला सहयोगी होना भी जरूरी है।

स्कूल का नाम लिखे बिना चलते हैं स्कूली वाहन

स्कूली वाहनों की जांच होते देख अनेक स्कूलों के वाहन इधर उधर भागते नजर आए व इस कारण स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गौर हो कि स्कूली बच्चे लाने जाने वाले वाहनों का रंग तो पीला है लेकिन उनमें से अधिकतर वाहनों पर किसी स्कूल का नाम नहीं लिखा हुआ। ऐसा स्कूल संचालक अपनी भागीदारी से बचने के लिए करते हैं। जिससे स्कूल संचालक यह कहते हैं कि उनका इन वाहनों से कोई संबंध नहीं है यह तो अभिभावकों ने अपनी मर्जी से लगा रखे हैं।

Posted By: Jagran

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