राज नरूला, अबोहर : अबोहर के एक मात्र सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी है। हालात यह हैं कि कई ग्रुप तो बिलकुल खत्म हो चुके हैं। ब्लड बैंक से रोजाना 15 से 20 यूनिट ब्लड दिया जाता है।

अबोहर तहसील में केवल एक ही सरकारी ब्लड बैंक है। इसके अलावा यहां कोई प्राइवेट ब्लड बैंक भी नहीं है। हालांकि यहां कई प्राइवेट अस्पताल भी हैं, जिनको भी ब्लड की आपूर्ति यहां के सरकारी ब्लड बैंक से ही की जाती है, जिस कारण ब्लड की कमी होने लगी है। अस्पताल के ब्लड बैंक में 150 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता है, लेकिन यहां मात्र 40 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध हैं। आम दिनों में इस बैंक में 60-70 यूनिट ब्लड होता है। कोरोना के कारण स्वैच्छिक रूप से ब्लड डोनेट करने वाले लोग भी अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे रक्त की कमी हो रही है। आम तौर पर कई समाजसेवी ब्लड बैंक में रक्तदान करने आते रहते थे। लेकिन महामारी के कारण अस्पताल में इन लोगों का आना काफी कम गया हैं। हालांकि इतनी बड़ी किल्लत के बाद भी उत्साही युवा रक्तवीर खून की कमी को दूर करने में जुटे हैं।

ओ व ए पाजिटिव ब्लड का स्टाफ खत्म सरकारी अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ओ पाजिटिव व ए पाजिटिव रक्त निल हो चुका है। एबी पॉजिटिव का चार यूनिट ही हैं व इसकी डिमांड ज्यादा रहती है। बी पाजिटिव के 26 यूनिट उपलब्ध हैं। रक्तदानियों से रक्तदान की अपील

एसएमओ डा. गगनदीप सिंह का कहना है कि शहर की समाजसेवी संस्थाओं व रक्तदानियों का ब्लड बैंक की जरूरत को पूरा करने का अहम योगदान है, जिनकी बदौलत ही मरीजों की डिमांड पूरी हो रही है। उन्होंने शहर निवासियों व रक्तदानियों से अपील की है कि वह अपने शहर के ब्लड बैंक में ही रक्तदान करें ताकि यहां के लोगों की जरूरत को पूरा किया जा सके।

Edited By: Jagran