संवाद सूत्र, फाजिल्का : एडिशनल जिला चुनाव अधिकारी-कम-एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जनरल फाजिल्का अभिजीत कपलिश ने चुनाव कमिशन की हिदायतों अनुसार राजनीतिक पार्टियां और संभावी उम्मीदवारों के लिए हिदायत जारी की है इलेक्ट्रानिक्स और इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन डालने से पहले मीडिया सर्टीफिकेशन और मानिटरिग कमेटी (एमसीएमसी) से मंजूरी लें। इसलिए एमसीएमसी सेल कमरा नंबर 502, चौथी मंजिल, जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स फाजिल्का में संपर्क किया जा सकता है।

एडीसी अभिजीत कपलिश ने कहा कि सभी उम्मीदवारों द्वारा इलेक्ट्रानिकस मीडिया, जिसमें रेडियो, टीवी, ई-पेपर, सिनेमा हाल और इंटरनेट मीडिया (फेसबुक, टविटर, इंस्टाग्राम, गूगल, यूट्यूब आदि बहु संख्या लोग तक किए जाने वाले एसएमएस, वाइस मैसेज आदि शामिल हैं, में विज्ञापन देने के लिए एमसीएमसी से मंजूरी लेनी जरूरी है। कमेटी इसकी जहां स्क्रिप्ट देखेगी, वहां विज्ञापन बनाने और लगाने पर आए खर्च की जानकारी लेकर यह आज्ञा देगी। इसलिए लिखित स्क्रिप्ट के साथ-साथ निर्धारित आवेदन फार्म में तैयार विज्ञापन की दो कापियों, यदि आडियो-वीडियो भी शामिल है, वह भी पूरी तरह तैयार करके दिया जाए। लिखित स्क्रिप्ट उम्मीदवार द्वारा अटेस्टिड की होनी जरूरी है। उक्त मंजूरी के लिए दो दिन तक का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्थान उम्मीदवार की लिखित आज्ञा और कमेटी की मंजूरी के बिना विज्ञापन लगा देता है तो उसके विरुद्ध एच इंडियन पीनल कोड के अंतर्गत कार्रवाई होगी। इसी तरह चुनाव वाले दिन और चुनाव से एक दिन पहले प्रिट मीडिया में भी लगने वाले विज्ञापन उक्त कमेटी से स्वीकृत करवाना जरूरी हैं। यदि कोई उम्मीदवार पेड न्यूज किसी भी मीडिया में लगाता या छपवाता है तो उक्त उम्मीदवार के चुनाव खर्चे में इस खबर का खर्चा शामिल किया जाएगा। पेड न्यूज केस में एमसीएमसी द्वारा रिटर्निंग अधिकारियों के द्वारा संबंधी उम्मीदवार को नोटिस भेजा जाएगा। यदि उम्मीदवार ने उसका जवाब 48 घंटों के अंदर न दिया तो उस खबर को पेड न्यूज मान लिया जाएगा। उम्मीदवार एमसीएमसी के फैसले को राज्य स्तरीय एमसीएमसी कमेटी में चुनौती दे सकता है, जिनके पास फैसले के लिए 96 घंटों का समय होगा। उम्मीदवार स्टेट एमसीएमसी के फैसले विरुद्ध चुनाव कमीशन आफ इंडिया के पास 48 घंटों में अपील करने का हकदार है।

Edited By: Jagran