फाजिल्का में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में युवक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
अबोहर-सादुलशहर मार्ग पर बिश्रपुरा गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 18 वर्षीय युवक राजदेव सिंह की मौत ...और पढ़ें
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दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में युवक की मौत। फोटो जागरण
HighLights
बिश्रपुरा गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हुई।
18 वर्षीय राजदेव सिंह की हादसे में दुखद मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल पर एंबुलेंस में देरी का आरोप लगाया।
संवाद सहयोगी, अबोहर। अबोहर-सादुलशहर मार्ग पर गांव बिश्रपुरा के पास शनिवार सुबह दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद तीनों घायलों को सीतो गुन्नों के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां राजदेव सिंह ने दम तोड़ दिया।
गंभीर हालत में राजेश को बठिंडा एम्स और सुरजीत को श्रीगंगानगर रेफर किया गया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सीतो गुन्नों अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि समय पर रेफर और एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से राजदेव की जान चली गई।
मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के सादुलशहर क्षेत्र के गांव तख्त हजारा निवासी राजदेव सिंह पुत्र गुरदेव सिंह (18) बागों में ड्रिप सिस्टम लगाने का काम करता था। शनिवार सुबह वह अपने सहयोगी सुरजीत पुत्र हरपाल निवासी चक सोहनेवाला के साथ बाइक पर गांव से सीतो की ओर आ रहा था।
जब वे बिश्रपुरा के पास पहुंचे तो सामने से आ रही गांव मेहराणा निवासी राजेश पुत्र जयपाल की बाइक से उनकी आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के लोगों ने तीनों घायलों को सीतो गुन्नों अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान राजदेव सिंह की मौत हो गई। वहीं राजेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बठिंडा एम्स और सुरजीत को श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। बाद दोपहर राजदेव के शव को सीतो गुन्नों से अबोहर के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
परिजनों का आरोप-ढाई घंटे बाद बाहर से मंगवानी पड़ी एंबुलेंस
सीतो गुन्नों अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उनका आरोप है कि हादसे के बाद तीनों घायलों को अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां से रेफर करने के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी।
परिजनों के अनुसार अस्पताल परिसर में दो एंबुलेंस खड़ी होने के बावजूद उनके चालक मौजूद नहीं थे। घायलों के अस्पताल पहुंचने के करीब ढाई घंटे बाद बाहर से एंबुलेंस मंगवाई गई, जिसके बाद दोनों गंभीर घायलों को बठिंडा और श्रीगंगानगर रेफर किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर उपचार और रेफरल सुविधा मिलती तो राजदेव की जान बच सकती थी।
एक भाई और तीन बहनों में सबसे छोटा था राजदेव
परिजनों ने बताया कि राजदेव सिंह के परिवार में एक भाई और तीन बहनें हैं। हादसे में युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस ने धारा 194 के तहत की कार्रवाई
सीतो चौकी के एएसआई लखविंदर सिंह ने मृतक के भाई सोमदेव के बयानों के आधार पर बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
