संस, अबोहर : कोरोना काल के दौरान सरकारी अस्पताल के डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों पर काम का बोझ काफी बढ़ गया। कोरोना काल से कुछ राहत मिली तो वैक्सीनेशन लगाने का अभियान शुरू हो गया, जिस कारण भी स्वास्थ्य कर्मियों, आशा वर्कर, एएनएम, डॉक्टर व पूरे स्टाफ से दिन रात काम किया। यही कारण है कि अबोहर में 80 फीसद से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई चुकी है। यह बात दैनिक जागरण से सप्ताह के साक्षात्कार में सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा. गगनदीप सिंह ने कही। सवाल: डेंगू से निपटने के लिए क्या किए गए प्रबंध।

जवाब: पिछले वर्ष कोरोना के बाद डेंगू का भी काफी प्राकोप रहा, जिसको देखते हुए इस बार पहले से ही डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई थी। नगर निगम के सहयोग से स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने घर घर जाकर डेंगू के लारवे की जांच की व लोगों को इस बारे जागरूक किया। लिहाजा पिछले वर्ष के मुकाबले डेंगू के काफी कम मामले सामने आए हैं। अस्पताल में डेंगू का अलग से वार्ड स्थापित किया गया है। पहले यहां सरकारी अस्पताल में डेंगू के टेस्ट की सुविधा नहीं थी लेकिन अब डेंगू के टेस्ट की मशीन यहां लगाई गई है जिसका टेस्ट मुफ्त में किया जाता है। घर घर जाकर लारवे की जांच के लिए दोबारा अभियान शुरू कर दिया गया है। सवाल: डेंगू में सेल कम हो जाते है व सेल चढ़ाने का क्या प्रबंध है?

पिछले वर्ष डेंगू के काफी मामले सामने आने पर सेल चढ़ाने में काफी दिक्कत पेश आई व लोगों को इसके लिए बाहर जाना पड़ा था। इसके बाद यह मशीन भी सरकारी अस्पताल में इनस्टाल कर दी गई है जिससे भी क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी व डेंगू के मरीज का इलाज करने में भी सुविधा होगी।

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सवाल: वैक्सीनेशन का कितना लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।

वैक्सीनेशन का लगभग 80 फीसदी से अधिक का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। इसमें राजनीतिक, समाजसेवी, धार्मिक संस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों का काफी सहयेाग रहा है। लोगों की आसानी के लिए स्वास्थ्य कर्मी घर घर जाकर शेष रहते लोगों को वैक्सनेशन लगाकर सौ फीसदी लक्ष्या पूरा करेंगी। अस्पताल में डिलीवरी व सिजेरियन की क्या व्यवस्था है?

अस्पताल में डिलीवरी करने व सिजेरियन करने की पूरी व्यवस्था है। रोजाना पांच से 10 केस नार्मल डिलीवरी करते हैं हैं। अस्पताल में महिला डाक्टर तैनात है। मरीज को घर से लाने व छोड़ने के लिए 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। 300 से 400 डिलीवरी केस महीने में औसतन होते हैं, जिनके लिए अलग से वार्ड की सुविधा है। इसके अलावा बच्चों के सभी तरह के टीकाकरण मुफ्त होते हैं, जबकि गर्भवती महिलाओं के सभी तरह के टेस्ट भी निशुल्क किए जाते हैं। अस्पताल में हर तरह के आपरेशन की भी सुविधा उपलब्ध है। जहां अस्पताल में दो सर्जन मौजूद है वहीं हडिडयों व जोड़ों के माहिर भी तैनात है। उन्होंने बताया कि डा पुलकित ठठई व मेजर सलमान माजी द्वारा घुटने व चुकने के सफल आपरेशन किए जा चुके है।

Edited By: Jagran