संवाद सूत्र, फाजिल्का : पंजाब सरकार की ओर से अगस्त महीने की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत फाजिल्का जिले के लाभपात्रियों के बैंक खातों में 17 करोड़ 17 लाख 86 हजार रुपए भेज दिए गए हैं। यह जानकारी जिले के डिप्टी कमिश्नर अरविद पाल सिंह संधू ने दी है।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले में बुढापा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन, विधवा पेंशन और आश्रित बच्चों को पैंशन दी जा रही है। इन चारों श्रेणियों के जिले में कुल एक लाख 14 हजार 524 लाभपात्री हैं। जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि जिले में 78 हजार 85 लाभपात्रियों को हर महीने बुढापा पेंशन दी जा रही है। इनको हर महीने 11 करोड़ 71 लाख 27 हजार 500 रुपए की पैंशन दी जाती है। इसी तरह जिले में 11071 दिव्यांगजनों को एक करोड़ 66 लाख छह हजार 500 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। उन्होंने बताया कि फाजिल्का जिले में 17 हजार 694 विधवाओं को दो करोड़ 65 लाख 41 हजार रुपए पेंशन हर महीने दी जा रही है। इसी तरह 7674 आश्रित बच्चों को हर महीने एक करोड़ 15 लाख 11 हजार रुपये पेंशन जिला फाजिल्का में सरकार द्वारा दी जा रही है।

डीसी ने की सुपर एसएमएस से धान की कटाई की अपील संवाद सूत्र, फाजिल्का : डिप्टी कमिश्नर अरविद पाल सिंह संधू ने जिले के कंबाइन आपरेटरों और किसानों से अपील की कि धान की कटाई सुपर एसएमएस लगी कंबाइनों के साथ ही की जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदूषण रोकथाम बोर्ड द्वारा एयर (प्रीवेंशन एंड कंट्रोल आफ पाल्यूशन) एक्ट 1981 की धारा 31-ए के तहत जारी पत्र के द्वारा कंबाइनों के साथ सुपर स्ट्रा मैनजमैंट सिस्टम अटेच करने संबंधी निर्देश जारी किए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के बिना धान की कटाई की जाती है तो कंबाइन मालिकों को लाग बुक मेनटेन करनी पड़ेगी। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ अशप्रीत सिंह ने कहा कि धान की कटाई के समय कंबाइनों में सुपर एसएमएस सिस्टम जरूर लगा हो। यदि सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के बिना कटाई की जाती है, तो इस संबंधी लाग बुक मेनटेन की जाए और संबंधित एरिया के मुख्य कृषि अधिकारी से मंजूरी ली जाए। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों की उल्लंघना करने वालों पर दि एयर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल आफ पाल्यूशन एक्ट 1981 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी किए आदेशों अनुसार पराली को आग लगाने वाले मामलों में संबंधित व्यक्ति और कंबाइन मालिकों से वातावरण हर्जाना वसूला जाएगा।

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