फतेहगढ़ साहिब में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, 50 साल पुरानी ट्रक मार्केट जमींदोज; बिलख पड़े कारोबारी
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में देश की सबसे बड़ी ट्रक बॉडी बिल्डिंग मार्केट पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया।
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मार्केट में बुलडोजर चलने पर बिलखे कारोबारी। फोटो जागरण
HighLights
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरहिंद ट्रक मार्केट पर बुलडोजर चला।
पंजाब मंडी बोर्ड ने 4.5 एकड़ कीमती जमीन पर कब्जा लिया।
50 साल पुराने विवाद से हजारों परिवारों का रोजगार प्रभावित।
दीपक सूद, फतेहगढ़ साहिब। देश की सबसे बड़ी ट्रक बॉडी बिल्डिंग मार्केटों सरहिंद पर आखिरकार प्रशासन का चाबुक चल गया। माननीय सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और स्पष्ट आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच दुकानों पर बुलडोजर चलाकर डिमोलिशन की कार्रवाई को अंजाम दिया।
इसके साथ ही पंजाब मंडी बोर्ड ने नेशनल हाईवे स्थित इस करीब 4.5 एकड़ कीमती जमीन पर अपना आधिकारिक कब्जा ले लिया।वर्ष 1980 के आसपास पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर अधिग्रहित की गई इस जमीन पर पिछले 50 से अधिक वर्षों से यह वर्कशॉप्स चल रही थीं।
करीब पांच दशकों तक निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से दशकों पुराने विवाद पर विराम लग गया है।कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थिति बेहद भावुक बनी रही। अपने दशकों पुराने कारोबार और आजीविका को आंखों के सामने उजड़ता देख बाडी बिल्डर्स और शहर निवासियों प्रशासनिक अधिकारियों से मोहलत देने की गुहार लगाते रहे।
प्रशासन ने वर्कशॉप्स को खाली करवा लिया
दुकानदारों का कहना था कि इस मार्केट से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है, इसलिए कार्रवाई रोककर कोई वैकल्पिक समाधान निकाला जाए। हालांकि, अदालत के आदेशों का पालन कराते हुए प्रशासन ने उनकी अपील खारिज कर दी।मार्केट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि लगभग 50 वर्षों तक चली लंबी अदालती लड़ाई के बाद शीर्ष अदालत के आदेशानुसार प्रशासन ने वर्कशाप्स को खाली करवा लिया है।

जिला प्रशासन फतेहगढ़ साहिब ने खाली कराई गई भूमि पर एक आधिकारिक चेतावनी बोर्ड स्थापित कर दिया है। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि यह संपत्ति पंजाब मंडी बोर्ड, मोहाली के मालिकाना हक में है।
माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के आदेश (दिनांक 15.01.2026) और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश (दिनांक 8.09.2026) का अनुपालन करते हुए उठाया गया है। 18 सितंबर 2026 को जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस जगह से सभी अवैध कब्जे पूरी तरह हटा दिए। अब इस जगह के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।
मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने मीडिया से बनाई दूरी
कार्रवाई के दौरान पंजाब मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी पत्रकारों के सवालों से पूरी तरह बचते नजर आए। मौके पर मौजूद मीडिया जब इस कार्रवाई, प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और आगे की योजना के बारे में जानकारी लेने पहुंची, तो अधिकारियों ने कोई भी विस्तृत प्रतिक्रिया या आधिकारिक बयान देने से साफ इंकार कर दिया।
कोई उचित समाधान निकालने का प्रयास अवश्य किया जाएगा
मार्केट कमेटी सरहिंद के चेयरमैन एडवोकेट अमरिंदर सिंह मड़ोफल ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई केवल और केवल माननीय अदालत के आदेशों के अनुपालन में की गई है। उन्होंने प्रभावित कारोबारियों को आश्वासन दिया कि अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुकानदारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कोई न कोई उचित समाधान निकालने का प्रयास अवश्य किया जाएगा।
लोगों से उनका रोजगार छीना जा रहा
मौके पर पहुंचे कांग्रेस पार्टी के हलका फतेहगढ़ साहिब के पूर्व विधायक कुलजीत नागरा, शिरोमणि अकाली दल के हलका फतेहगढ़ साहिब के इंचार्ज बलजीत सिंह भुट्टा सेहत अन्य नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड राज्य सरकार के अधीन आता है।
अगर सरकार की मंशा साफ होती तो इन कारोबारियों का रोजगार बचाने के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता या नई जगह आवंटित की जा सकती थी। नेताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार नए रोजगार देने के वादे करती है, वहीं दूसरी तरफ 50 सालों से काम कर रहे लोगों से उनका रोजगार छीना जा रहा है।
