दीपक सूद, फतेहगढ़ साहिब। जिले में डेंगू का कहर बरपना जारी है। जिले में एक जून से लेकर अब तक कुल 200 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 150 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं। वहीं 50 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। ऐसे में सेहत विभाग भी पूरी तरह से चौकस हो गया है। सेहत विभाग ने जिले में लोगों को डेंगू के बचाव के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। साथ ही विभाग ने सर्वे करवाना भी शुरू कर दिया है।

सेहत विभाग की टीमें जो पहले से ही गठित हैं, लगातार जिले में लोगों के घरों में जाकर कूलरों, कबाड़ हो चुके टायरों, गमलों आदि से पानी आदि को हटाने के लिए कह रही हैं। विभाग की तरफ से लगातार कूलरों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिनके कूलरों में मच्छरों का लार्वा मिला है उन लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। सिविल सर्जन डा. विजय कुमार ने कहा कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है।

डेंगू के लक्षण

इसके लक्षणों में तेज बुखार, तेज सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, नाक, जबड़ों, मुंह से खून निकलना, त्वचा पर निशान होना, उल्टी, पेट में तेज दर्द, प्यास लगना आदि शामिल हैं। ऐसे में मरीज को बीमारी से बचाने के लिए पूरे शरीर को ढंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी उक्त डेंगू के लक्षण दिखें तो वे सिविल अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे। यहां, टेस्ट व इलाज मुफ्त होता है।

इसके साथ ही उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों व डाक्टरों से अपील करते हुए कि अगर उक्त लक्षणों वाला कोई मरीज उनके पास आता है तो उसकी तुरंत सिविल अस्पताल को सूचना दी जाए। लोगों से भी अपील है वे भी अपने आसपास पानी खड़ा न होने दें।

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