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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

व्यवसाय के डिजिटलीकरण के अवसर व लाभ बताए

By JagranEdited By:
Published: Sun, 20 Mar 2022 05:11 PM (IST)

गोबिदगढ़ पब्लिक कालेज में डिजिटलाइजेशन के माध्यम से व्यवसाय का परिवर्तन कोविड 19 महामारी के बाद भारतीय व्यापार के हालिया ...और पढ़ें

व्यवसाय के डिजिटलीकरण के अवसर व लाभ बताए
व्यवसाय के डिजिटलीकरण के अवसर व लाभ बताए

संवाद सहयोगी, मंडी गोबिदगढ़ : गोबिदगढ़ पब्लिक कालेज में 'डिजिटलाइजेशन के माध्यम से व्यवसाय का परिवर्तन : कोविड 19 महामारी के बाद भारतीय व्यापार के हालिया रुझान और भविष्य' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार करवाया गया। सेमिनार आईसीएसएसआर-एनडब्ल्यूआरसी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इस अवसर पर उद्घाटन भाषण मुख्य अतिथि प्रो (डा) रविदर के कोहली, उप-कुलपति, एमिटी विश्वविद्यालय, मोहाली द्वारा दिया गया। जिसके बाद कालेज की प्राचार्य डा. नीना सेठ पजनी द्वारा परिचयात्मक भाषण दिया गया। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि व अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत किया। डा. पजनी ने कहा कि यह सेमिनार हमें डिजिटलीकरण पर विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान करने और कोविड 19 महामारी के बाद बिक्री और विपणन में व्यापार के परिवर्तन के अवसरों का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगी। डा. रविदर के कोहली ने महामारी के बाद व्यवसाय के डिजिटलीकरण के विभिन्न अवसरों और लाभों पर प्रकाश डाला। अपने मुख्य भाषण में, प्रो (डा) ललित मोहन कथूरिया ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन एक प्रक्रिया है जिसका उपयोग अर्थव्यवस्थाओं, संस्थानों को एक सिस्टम स्तर पर पुनर्गठित करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी सस्ती, सुलभ होनी चाहिए और संगठन के मूल्यों को जोड़ती है। पहले और दूसरे सत्र में विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न व्याख्यान दिए गए। डा. सतिदर कुमार, स्कूल आफ मैनेजमेंट स्टडीज, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और डा. अमनदीप सिंह, चितकारा बिजनेस स्कूल, चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा क्रमश: पहले और दूसरे सत्र के लिए रिसोर्स पर्सन थे। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डा. किरणदीप कौर प्रिसिपल एमटीएस कालेज, लुधियाना ने की। संगोष्ठी के दौरान मुख्य अतिथि, प्राचार्य और अन्य प्रतिनिधियों द्वारा सोवीनियर जारी किया गया। सेमीनार में पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कुल 25 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस मौके पर प्यारा सिंह कलसी ने भी शिरकत की जबकि राज गोयल एवं प्राचार्य डा. नीना सेठ पजनी ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।