जागरण संवाददाता, फतेहगढ़ साहिब : केंद्रीय निर्वाचन आयोग एक से अधिक स्थानों से डाले गए मतों की पहचान करने के लिए मतदाता कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का अभियान चला रहा है। डीसी परनीत शेरगिल ने जिला प्रशासनिक परिसर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधी चुनाव आयोग द्वारा की जा रही इस पहल के बारे में अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करें, ताकि इस अभियान को सफलतापूर्वक चलाया जाए।

यदि किसी मतदाता के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे स्वप्रमाणित दस्तावेज जमा करना होगा। वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाता फार्म संख्या 6-बी भरकर संबंधित ईआरओ, बीएलओ को आधार कार्ड को मतदाता कार्ड से जोड़ने के लिए देना होगा। चुनाव आयोग ने अब 18 वर्षीय युवाओं के अधिकतम वोट उत्पन्न करने के लिए एक वर्ष में चार पात्र तिथियां एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर निर्धारित की है। अब इन तिथियों के आधार पर मतदाता सूचियों में संशोधन किया जाएगा।

डीसी ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उन मतदान केंद्रों में दो मतदान केंद्र बनाए जाएंगे जहां 1500 से अधिक मतदाता हैं, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अब डाक विभाग द्वारा मतदाताओं के फोटोयुक्त पहचान पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाएंगे।

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