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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Train Blast: सरहिंद से निकलते ही हावड़ा मेल में जोरदार धमाका, 4 यात्री झुलसे; छठ पर घर जा रहे थे यूपी-बिहार के लोग

Published: Sun, 03 Nov 2024 06:01 PM (IST)Updated: Sun, 03 Nov 2024 06:06 PM (IST)

अमृतसर-हावड़ा मेल में शनिवार रात को सरहिंद स्टेशन से चलने के कुछ ही देर बाद जोरदार धमाका हो गया। धमाके ...और पढ़ें

Blast in Train: सरहिंद से निकलते ही हावड़ा मेल में जोरदार धमाका, 4 यात्री झुलसे।
Blast in Train: सरहिंद से निकलते ही हावड़ा मेल में जोरदार धमाका, 4 यात्री झुलसे।

दीपक सूद, फतेहगढ़ साहिब। शनिवार रात 10 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर-हावड़ा मेल सरहिंद स्टेशन से रवाना हुई कि उसमें एक धमाका हो गया। धमाका जरनल कोच में हुआ। भीड़ और सामान से खचाखच भरे जरनल कोच में धमाके और धुएं से चीख चिल्लाहट मच गई।

जान बचाने के लिए यात्रियों ने ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया। धमाके के कारण चार यात्री आग की चपेट में आने से झुलस गये।

जिनमें तीन व्यक्ति और एक महिला शामिल है। जिनमें वार्ड नंबर 2 पीरों भोजपुर पीरू बिहार के निवासी अजय कुमार तथा उसकी पत्नी संगीता कुमारी, अकबरपुर बुजुर्ग, बहराइच, बमियारी उत्तर प्रदेश के निवासी आशुतोष पाल तथा पोस्ट विष्णुपुर, ग्राम गोविंदपुर नवादा, बांका, नवादा बाजार बिहार निवासी सोनू कुमार झुलस गए।

ट्रेन में जोरदार हुआ धमाका

घायलों को 108 एबुंलेंस और एक निजी वाहन से सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब लाया गया। सूचना मिलने के बाद जीआरपी आरपीएफ तथा रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे में घायल हुए आशुतोष पाल का भाई राकेश पाल हादसे का प्रत्यक्षदर्शी है। उसने बताया कि वह दोनों भाई अमृतसर से हावड़ा मेल में बैठे थे।

ट्रेन ने अभी सरहिंद रेलवे स्टेशन छोड़ी ही थी कि अचानक एक जोर का धमाका हुआ। पूरे कोच में धुआं भर गया। जिससे डर कर यात्रियों ने ट्रेन से बाहर कूदना शुरू कर दिया। वह भी डिब्बे से बाहर कूद गया। ट्रेन ने स्टेशन छोड़ा ही था लिहाजा उसकी रफ्तार काफी कम थी।

हादसे के समय ज्यादातर सवारियां सो रहीं थीं, लेकिन धमाका सुन कर डिब्बे में चीख पुकार मच गई। ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया। उसने अपने भाई आशुतोष पाल को देखा तो वह आग की चपेट में आ चुका था। जिससे उसकी कमर झुलस गई थी।

घायलों की हालत नॉर्मल

घायलों का उपचार फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में शुरू किया गया। रात 10:30 पर हुए हादसे के बाद रात 11 बजकर 5 मिनट पर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। जिसके बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम उनके उपचार में जुट गई।

एसमओ डॉ. केडी सिंह भी एमरजेंसी में पहुंचे और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त डॉक्टर्स और स्टाफ को बुलाया गया। डॉ. केडी सिंह ने बताया कि उपचाराधीन घायलों में सोनू कुमार को लगभग 30 फीसदी, आशुतोष को लगभग 15 फीसदी, संगीता कुमार को 10 फीसदी व अजय को 5 फीसदी बर्न इंजरी हुई है।

सभी घायलों का उपचार सिविल अस्पताल में ही किया जा रहा है। एसएमओ केडी सिंह ने बताया कि सभी घायलों की हालत नार्मल हो रही है तथा उन्होंने खाना पीना भी शुरू कर दिया है।

पटाखे में धमाका से हुआ हादसा

उधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में हावड़ा मेल से ले जाई जा रही पटाखे में धमाका होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। शनिवार रात ही मौके पर पहुंचे रेलवे पुलिस के डीएसपी जगमोहन सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि पटाखे में धमाका होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई।

एक बाल्टी में रखी हुई थी। जिसमें आचनक आग लगी। आग लगने की वजह किसी यात्री का धुम्रपान करना हो सकता है। डीएसपी के मुताबिक फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि बाल्टी किस यात्री की थी। उन्होंने बताया कि घटना की जांच जीआरपी थाना सरहिंद के प्रभारी रतन लाल को जांच सौंपी गई है।

हावड़ा मेल का आठवां ठहराव

थाना प्रभारी रतन लाल ने बताया कि बीएनएस की धारा 125, 125ए, 125बी और रेलवे एक्ट 1989 की धारा 164 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर से चल कर सरहिंद स्टेशन हावड़ा मेल का आठवां ठहराव था। लिहाजा पीछे के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

छठ पूजा के कारण जा रहे थे घर

हावड़ा मेल में हुए धमाके में झुलसे अजय कुमार तथा उसकी पत्नी संगीता कुमारी ने बताया कि छठ पूजा के कारण उन्होंने अपने घर बिहार जाना था जिसको लेकर वह रेलवे स्टेशन फगवाड़ा से ट्रेन में चढ़े थे।

आशुतोष पाल ने बताया कि भाई दूज के कारण उन्होंने अपने घर उत्तर प्रदेश जाना था जिसको लेकर वह अमृतसर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पर बैठे थे। सोनू कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर उन्होंने अपने घर बिहार जाना था जिसको लेकर वह जालंधर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पर बैठे थे।