जागरण संवाददाता, फरीदकोट : कड़ाके की ठंड और सर्द हवाएं अब फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है। पिछले 18 दिनों से धूप नहीं निकली है, यदि इस दौरान घंटा-दो घंटा के लिए किसी दिन धूप निकली भी है तो वह असरदार नहीं रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 12 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

न्यूनतम से ज्यादा अधिकतम तापमान के नीचे लुढ़कने से लोगों को परेशानी हो रही है। अधिकतम तापमान पिछले दस दिनों से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो कि सामान्य से कम है। फसलों व पेड़-पौधों को धूप की किरणें न मिलने से एक ओर उनकी रंगत फीकी दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर उन पर पाले का संकट भी मड़रा है, ऐसे में पत्ती व फूल वाली सब्जियों के सूखने का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों में जाकर नुकसान का मुआयना किया जा रहा है, परंतु अब तक किसानों को कोई बड़ा नुकसान मौसम के कारण नहीं हुआ है।

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बच्चों में फेफेड़ों के संक्रमण का खतरा बढा़

मौसम के बदले मिजाज के कारण लोगों को सर्दी, जुकाम व बुखार से जूझना पड़ रहा है तो बच्चों में फेफेड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में डाक्टरों द्वारा लोगों को सर्दी से बचने व गर्म कपड़ों से शरीर को ढके रहने की सलाह दी जा रही है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. संदीप गोयल ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है, ऐसे में बच्चों को सर्दी बचाने के लिए विशेष चौकसी बरतने की जरूरत होती है, यदि बच्चों में किसी प्रकार की बीमारी या फिर संक्रमण दिखाई दे रहा है तो पहल के आधार पर डाक्टर से परामर्श कर बच्चे का उपचार करवाना चाहिए।

Edited By: Jagran