जागरण संवाददाता, (बरगाड़ी) फरीदकोट : बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की छठीं बरसी पीड़ित परिवार और सिख संगत द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से मनाई गई। छठीं बरसी पर न तो धार्मिक, राजनीतिक सरगर्मियां दिखी और न ही पुलिस-प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे।

पिछले छह सालों से प्रदेश के राजनीतिक दलों के ऐजेंडे में प्रमुखता से बेअदबी और गोलीकांड रहा है। चुनावी वर्ष में भी सभी राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब और फायदे से इस मुद्दे को समय-समय पर उठा रहे है, परंतु वीरवार को गोलीकांड में मारे गए दोनों नौजवानों की बरसी पर कोटकपूरा के विधायक कुलतार सिंह संधवा को छोड़कर कोई ऐसा नेता नहीं पहुंचा जिसे लोग पहचानते हो। यही नहीं, कोटकपूरा बत्ती वाले चौक पर सिख संगत की ओर से रखे गए धरना-प्रदर्शन में भी सीमित संख्या में ही लोग शामिल हुए। दोनों ही कार्यक्रमों में विगत वर्षो की भांति न तो सियासतदान और न ही धार्मिक नेता दिखाई पड़े। आम लोगों की उपस्थित भी बेहद कम रही।

14 अक्टूबर 2015 को पुलिस की गोलीबारी में बहिबल कलां में मारे गए सरावां निवासी गुरजीत सिंह के पिता साधु सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने फायदे के हिसाब से गोलीकांड और बेअदबी कांड का प्रयोग करते है। उनके बेटे की छठी बरसी पर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा को छोड़ दूसरा कोई नेता श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं आया। सत्ताधारी दल कांग्रेस के बड़े-बड़े दावे करने वाले नेता भी नहीं आए। उन्होंने कहा कि वह हार मानने वाले नहीं है, सिस्टम और नेताओं की ओर से उन्हें चाहे कितना भी प्रताड़ित किया जाए वह बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

कोटकपूरा बत्ती वाले चौक पर सिख संगत की ओर से रखा गया धरना-प्रदर्शन दिन में 11 बजे शुरु हुआ, जो कि दोपहर तक जारी रहा। आशा थी कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, परंतु ऐसा नहीं हुआ। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से इंसाफ की मांग करते हुए अपने विचार रखे।

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