जागरण संवाददाता, फरीदकोट

एटीएम में पैसा डालने वाले तालाब मोहल्ला निवासी मनोज कपूर को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुए आठ साल पूरे हो गए है। इस मामले की पंजाब पुलिस, एसआइटी व सीबीआइ द्वारा अपने-अपने तरीके से जांच पूरी की जा चुकी है, परंतु किसी भी जांच एजेंसी के पास कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा जिससे यह पता चल सके मनोज कपूर कैसे और किसने गायब किया और अब वह कहां किस हाल में है।

मनोज के परिवार ने बताया कि 25 मई 2014 को संदिग्ध परिस्थितियों में मनोज लापता हो गया था। उन लोगों को आशंका है कि मनोज का अपहरण किया गया। मनोज को खोज निकालने के लिए उन लोगों के द्वारा पिछले आठ सालों से लड़ाई लड़ी जा रही है, परंतु सफलता के नाम पर उन लोगों के हाथ अभी तक कुछ भी नहीं लगा है।

मनोज की बहन नीतू कपूर ने बताया कि सभी जांच एजेंसियों द्वारा कुछ खास हाथ न लगने की बात करते हुए मामले को बंद कर दिया गया। अप्रैल में उन्होंने इस मामले की दोबारा जांच के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था। कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ को केस री-ओपन कर जांच के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को सीबीआइ वालों का फोन आया था और उन्होंने बताया कि 31 मई को वह फरीदकोट आ रहे हैं। नीतू ने कहा कि उनके भाई का पता नहीं चल रहा है यह अलग बात है, परंतु घटना में शामिल दूसरे आरोपितों से पूछताछ जरूरी है। हालांकि वह आशा करती है कि यदि सीबीआइ ने निष्पक्ष रूप से जांच की तो लापता होने की घटना का खुलासा जरूर होगा।

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