जागरण संवाददाता, फरीदकोट : लंबित मांगों के साथ छठे वेतन आयोग की खामियों को दूर करने की मांग को लेकर संघर्षरत जिले के कर्मचारी वीरवार को मुख्यमंत्री के गृहनगर पटियाला गए। इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कर्मचारियों ने अपने विभागों से सामूहिक छुट्टंी ली थी। इसका असर सरकारी दफ्तरों में तो दिखाई दिया ही, परंतु सबसे ज्यादा असर जिले के सरकारी अस्पताल में दिखाई दिया। जहां पहले से डाक्टरों के हड़ताल पर होने और वीरवार को नर्सिंग स्टाफ के साथ क्लेरिकल स्टाफ के अवकाश पर रहने से मरीजों को काफी परेशानी हुई। इस कारण मरीज डाक्टरों से चेकअप नहीं करवा पाए। वही दफ्तरों में लोगों के कोई काम नहीं हुए। चुनावी साल में संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज कर दिया गया है। इसके कारण पिछले चार महीने से सरकारी विभागों में नियमित रूप से कामकाज नहीं हो पा रहा है। इस कारण दफ्तरों में कामकाज के लिए आ रहे लोग निराश हो रहे है। लोगों को हो रही परेशानी पर न तो सरकार द्वरा ध्यान दिया जा रहा है और न ही संबंधित विभागों द्वारा। जिले के लोगों को रही परेशानी पर समाजसेवी डा. जितेन्द्र कुमार, नवदीप गर्ग, प्रवीण गुप्ता ने कहा कि सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है, परंतु कर्मियों के संघर्ष के रास्ते पर होने के कारण लोगों को सुविधा से ज्यादा असुविधा हो रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए, सरकार या तो कर्मियों की मांगों को मानें या फिर कोई और रणनीति तैयार करे। ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

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