संवाद सूत्र, कोटकपूरा : कोटकपूरा की मोगा रोड तिकोनी पर पराली जलाने के आरोपित किसानों के पक्ष में प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसान यूनियन के जिला महासचिव इंद्रजीत सिंह घनियेवाला को वीरवार सुबह जैतो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आक्रोषित किसानों द्वारा शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करते हुए धरना लगाया। इस दौरान एंबुलेंस को छोड़ कर भठिंडा तथा मोगा से कोटकपूरा आने जाने वाले वाहनों को रास्ता नहीं दिया गया। सुखमंदर सिंह ढिल्लवां ब्लॉक प्रधान किसान यूनियन ने बताया कि जिले के अन्य पांच ब्लॉकों जैतो, फरीदकोट, सादिक, गोलेवाला और बाजाखाना में भी समांतर रोष प्रदर्शन और धरना जारी है। 12 बजे से शुरू हुए इस धरने को ढ़ाई घंटे बाद किसान यूनियन के पंजाब प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल के आदेश पर स्थगित कर कर दिया गया। किसान शुक्रवार को जैतो तहसील के सामने लगाये जा रहे बड़े रोष धरने को सफल बनाने की तैयारियों को लेकर अपने-अपने गांवों को लौटे, ताकि जैतो तहसील के सामने भीड़ इकट्ठी की जा सके। इस अवसर पर सिकंदर सिंह ढिलवां जिला मीत प्रधान, सुरिदर मौड़, बलबीर सिंह बांदरजटाना, अवतार सिंह जलालेआना आदि वक्ताओं ने पराली जलाने की समस्या पर विचार चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष अपनी मांगे भी रखी। उनका कहना है कि भारत सरकार 2 से 5 एकड़ जमीन वाले किसानों को पैडी सीडर तथा अन्य जरूरी उपकरण निश्शुल्क दे या पराली जलाने से बचने के लिए होने वाले खर्च का मुआवजा दिया जाए, ताकि किसान पराली जलाने को मजबूर न हों। वक्ताओं के अनुसार कृषि और किसानों की हालत में सुधार को लेकर स्वामीनाथन आयोग का गठन 18 नवंबर, 2004 को किया गया था। इसके अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने किसानों के हालत सुधारने और कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई सिफारिशें की थीं, लेकिन अब तक उनकी ये सिफारिशें लागू नहीं की गई हैं। किसान यूनियन के पंजाब प्रधान के आदेश पर धरना रोककर किसान शुक्रवार को जैतो तहसील के सामने लगाये जा रहे विशाल रोष धरने को सफल बनाने की तैयारियों को लेकर अपने-अपने गांवों को लौटे, ताकि जैतो तहसील के सामने भारी भीड़ इकट्ठी की जा सके।

Posted By: Jagran

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