जागरण संवाददाता, लंबी (श्री मुक्तसर साहिब) : गुलाबी सुंडी व बरसात से बर्बाद हुई नरमा की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) की अगुआई में संघर्षरत किसानों ने गांव बादल स्थित राज्य के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के घर के दो अन्य गेटों को भी घेर लिया है। इससे पहले किसान केवल उनके घर के दो मुख्य द्वारों के आगे ही बैठे हुए थे। लेकिन बीते बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव हुसन लाल सहित अन्य विभागों के सचिवों के साथ हुई बैठक में उनकी मांग न माने जाने पर किसानों ने अब वित्तमंत्री के घर के बाकी गेट भी घेर लिए। उनकी कोठी के कुल चार गेट हैं। तीन आगे और एक पीछे। अपने आंदोलन को तेज करते हुए अब किसानों ने सभी गेटों के आगे धरने लगा दिए हैं। चारों गेट घेर लिए जाने की जानकारी मिलने पर बठिडा के तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ तथा डीएसपी गुरजीत सिंह रोमाणा किसानों के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के सचिव शिगारा सिंह मान ने कहा अब वित्तमंत्री के घर से न किसी को बाहर निकलने दिया जाएगा और न ही किसी को अंदर जाने दिया जाएगा। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती उनका संघर्ष जारी रहेगा। बता दें कि भाकियू नरमा की बर्बाद हुई फसल के लिए किसान को प्रति एकड़ 60 हजार रूपये तथा नरमा की चुगाई करने वाले मजदूर को 30 हजार रूपये प्रति परिवार मुआवजा देने की मांग कर रही है। इसके अलावा नकली बीज और नकली कीटनाशक दवाएं बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस मौके पर भाकियू के बलजीत सिंह पूहला, धीरा सिंह मलूका, कुलवंत शर्मा रायके, निशान सिंह, कुलदीप कौर पथराला, सुखबीर सिंह वड़िग खेड़ा, भरपूर सिंह चन्नू, दविदर सिंह मान, निर्मल सिंह सिवियां, बलवंत सिंह रड़, जगदेव सिंह जोगेवाला व जसवीर सिंह सेमा आदि मौजूद रहे।

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