संवाद सूत्र, कोटकपूरा

श्री दुर्गा माता मंदिर देवस्थानम द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की साध्वी गौरी भारती ने कथा का रसपान करवाया।

साध्वी ने समझाया कि कथा गंगा की तरह है। जैसे गंगा में स्नान करने के लिए कोई भी व्यक्ति आता है तो वह उसे पवित्र कर देती है। कभी भेदभाव नहीं करती, गुण व अवगुण नहीं देखती। ठीक ऐसे ही प्रभु की पावन पुनीत कथा है, जिसमें जो व्यक्ति आ जाता है वह पावन पवित्र हो जाता है। विडंबना यह है कि आज इंसान कथा तो सुनता है पर उस पर अमल नहीं करता जिसके कारण आज समाज की यह दशा हो चुकी है।

इंसान डाक्टर, इंजीनियर, वकील तो बन चुका है परंतु भक्त नहीं। अगर हमे सही मायने में भक्त की परिभाषा को जानना है तो अपने भीतर में भगवान के प्रति प्रेम और वैराग्य को पैदा करने की आवश्यकता है। कथा में ज्योति प्रज्वलित अशोक दिओड़ा प्रधान, रजिदर काकड़िया उप प्रधान, सोमनाथ शास्त्री, डाक्टर देवराज मोगा वाले, लवली प्रधान प्रॉपर्टी डीलर, कृष्ण, वरिदर कुमार ने की। साध्वी बहनों द्वारा सुमधुर भजनों का गायन किया गया और प्रभु की आरती के साथ समापन किया गया।

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