प्रदीप चमक, सादिक

आतंकवाद के दौर में पुलिस से डिसमिस मुलाजिम ने अपने ही मालिक की कृषि उपकरण (सिगली) छाती में मारकर हत्या कर दी। मृतक के बेटे की शिकायत पर सादिक पुलिस ने आरोपित को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सादिक कस्बे के नजदीकी गांव बेहलेवाला में रविवार की देर शाम सात बजे हुई।

पुलिस को दिए गए बयान में मृतक सुखदेव सिंह के बेटे हरबीर सिंह ने बताया कि आरोपी जगदीश सिंह उर्फ दीक्षा उनके घर पर पिछले पांच साल से सीरी (नौकर) के रुप में काम करता था। रविवार को जगदीश उनके पिता से तीस हजार रुपये की मांग कर रहा था। उनके पिता ने पैसे देने से यह कहते हुए मना कर दिया किया कि जगदीश ने पहले ही बहुत पैसे ले रखे है, पहले उन पैसों की आदयगी करे। इससे गुस्से में आकर जगदीश ने सिगली उठाकर उनके पिता के छाती में घोंप दी। घायल अवस्था में सुखदेव को फरीदकोट के गुरु गोबिद सिंह मेडिकल कालेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची सादिक पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरु गोविद सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल भेजवाया, इसके उपरांत मृतक के बेटे हरबीर सिंह शिकायत पर आरोपी जगदीश के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने हत्यारोपित को भी कुछ देर में गांव से पकड़ लिया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया गया।

इनसेट

पुलिस का जवान था हत्यारोपित

आतंकवाद के दौर में जगदीश लंबे समय तक पुलिस ड्यूटी से गैर हाजिर रहा, जिसके बाद उसे विभाग द्वारा डिसमिश कर दिया गया था। आरोपित का अपनी पत्नी से भी झगड़ा हुआ था, और उसे 2009 में घरेलू हिसा के लिए पुलिस ने जेल में डाल दिया था और 2012 में बरी कर दिया गया था। गांव वालों के मुताबिक वह हमेशा परेशान रहता था, और कभी-कभार ही घर जाता था।

Edited By: Jagran