जागरण संवाददाता, फरीदकोट

रेगुलर करने के साथ ही दूसरी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए सप्ताह भर से सेहतकर्मियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। हड़ताल से यूं तो अस्पताल आने वाले सभी मरीज परेशान हो रहे है, परंतु सबसे ज्यादा परेशानी नशा पीड़ितों को हो रही है। उन्हें उपचार नि:शुल्क मिलने वाली दवा ओट सेंटर से ही मिलती है। सेहत विभाग के डाक्टरों को डर सता रहा है कि यदि नशा पीड़ितों को रोज मिलने वाली दवा की डोज ओट सेंटर के कर्मियों के हड़ताल के चलते न मिल सकी तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। ऐसी विषम परिस्थित को देखते हुए सिविल अस्पताल फरीदकोट के एसएमओ डाक्टर चंद्रशेखर की सलाह पर ओट सेंटर से संबंधित डाक्टरों ने खुद ही मोर्चा संभाल रखा है।

डाक्टर मरीजों को देखने के साथ ही खुद ही उनका रिकार्ड मोबाइल से विभाग की साइड पर अपलोड कर रहे है, उनकी काउंसलिंग करने के साथ उन्हें दवा भी दे रहे हैं।

एसएमओ डा. चंद्रशेखर कक्कड़ व मनोरोग विशेज्ञष डा. रणजीत कौर ने बताया कि सेहत कर्मियों की हड़ताल पर फैसला सरकार को करना है, परंतु यदि हड़ताल के चलते नशा पीड़ितों को दवा की डोज नहीं मिली तो उन्हें उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा, और इन लोगों के दोबारा से नशे की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए वह लोग खुद ही सारा काम करके नशा पीड़ितों को दवा उपलब्ध करवा रही है।

बाक्स-

सैकड़ों की संख्या में सुबह से कतार में खड़े जो जाते हैं पीड़ित

नशा पीड़ित दवा की डोज लेने के लिए सुबह से ही लंबी लाइन में खड़े हो जाते हैं। डेढ़ से दो सौ मीटर तक सैकड़ों लोग लाइन में लगे होते हें। वर्तमान समय में कंप्यूटर पर अनट्रेंड लोगों के होने से ज्यादा समय लग रहा है, जिससे लोग लाईन में चार से पांच घंटे तक खड़े होने को मजबूर है। ऐसी स्थित को देखते हुए नशा पीड़ितों द्वारा सरकार से गुहार लगाई जा रही है कि ओट सेंटर के कर्मियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, जिससे उन लोगों को कम से कम परेशानी हो।

Edited By: Jagran