जागरण संवाददाता, फरीदकोट

कोरोना महामारी की तीसरी लहर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा रोज बढ़ रहा है। जिले में कोरोना महामारी के एक्टिव संक्रमितों की संख्या 11 दिन में एक से बढ़कर 417 पहुंच गई। महामारी की चपेट में फ्रंट लाईन वर्कर व सेहत के डाक्टर व कर्मी तेजी से आ रहे हैं।

कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु जिस प्रकार से पहली व दूसरी लहर के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस व सेहत विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सक्रिय दिखाई दे रहे थे, वह वर्तमान समय में नहीं दिखाई दे रहे है।

सिविल सर्जन डा. संजय कपूर ने बताया कि उन्होंने डिप्टी कमिश्नर व एसएसपी से मास्क व सोशल डिस्टेसिग जैसे नियमों को पालन करवाने की दिशा में कार्य करवाने को कहा है। बच्चों का वैक्सीनेशन बड़ी चुनौती जागरण संवाददाता, फरीदकोट,

आगामी दिनों में शुरू होने जा रही बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए जिले के 15 से 17 आयुवर्ग के 50 हजार बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगा पाना सेहत विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। यह चुनौती तब और बढ़ जाती है जबकि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्कूलों को प्रदेश सरकार द्वारा बंद किया गया है।

जिले में अब तक 15 से 17 आयुवर्ग के 2200 बच्चों को वैक्सीन 3 जनवरी से अब तक लगाई जा चुकी है। बाकी बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए सेहत विभाग, शिक्षा विभाग के साथ मिलकर नई रणनीति तैयार कर रहे है। फरीदकोट सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. चंद्रशेखर कक्कड़ व डा. विश्वदीप गोयल ने बताया कि वह लोग शिक्षा विभाग के साथ मिलकर बच्चों को वैक्सीनेशन की रणनीति तैयार कर रहे है, आशा है कि अगले कुछ दिनों में वह लोग बच्चों का वैक्सीनेशन कार्य पूरा कर लेंगे, इसके लिए बच्चों को एक दिन स्कूल बुलाया जाएगा, वहीं पर सभी का सुगमता से वैक्सीनेशन किया जाएगा।

नर्सिंग स्टाफ द्वारा हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने से सेहत विभाग ने राहत की सांस ली है। इससे अब कोरोना वैक्सीनेशन व सैंपलिग का काम तेज होने की आशा है।

Edited By: Jagran