संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब : वातावरण को साफ सुथरा रखने के लिए खेतीबाड़ी विभाग की तरफ से लगाए जा रह जागरूकता कैंप फायदेमंद साबित हो रहे हैं। कैंपों से प्रभावित होकर किसान पराली को जलाने की बजाए इसका वातावरण संबंधी निपटारा कर रहे हैं। गांव महराजवाला के किसान रणजीत सिंह ने बताया कि आधुनिक औजारों का इस्तेमाल करके फसलों की पराली तथा अवशेषों की सार संभाल की जा सकती है, जिससे फसल का झाड़ अधिक प्राप्त होता है। किसान ने बताया कि उसने हैप्पी सीडर से गेहूं की बिजाई की जिससे उसको फसल का झाड़ बढि़या प्राप्त हुआ है। उसके द्वारा पहले तीन किले हैप्पी सीडर से गेहूं की बिजाई की गई जिसके अच्छे परिणाम स्वरूप नौ किले फसल बीजी है। उसने बताया कि अब उसका धान भी बढि़या हुआ है। उसने अपने खेत में गेहूं के नाड़ को आग नहीं लगाई बल्कि उनको खेतीबाड़ी के आधुनिक औजारों के इस्तेमाल से जमीन में ही मिला दिया। जिससे उसको पिछले साल की फसल का झाड़ अधिक प्राप्त हुआ है। किसान ने बताया कि गांव वालों के साथ मिलकर एक ग्रुप बनाया हुआ है जिसके तहत वह खेतीबाड़ी विभाग की तरफ से सब्सिडी पर दिए जा रहे औजारों का फायदा ले रहे है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि धान के अवशेष को आग नहीं लगाए बल्कि खेतों में ही मिला दिया जाए। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। मित्र कीटों का नुकसान नहीं होता तथा वातावरण भी प्रदूषित होने से बच जाता है। उन्होंने बताया कि आग लगाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने वाले मित्र कीट आग की चपेट में आकर मर जाते है और जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है तथा फसल का झाड़ भी कम निकलता है।

Posted By: Jagran

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