प्रदीप कुमार सिंह, फरीदकोट

भाई कन्हैया कैंसर रोको सोसाइटी के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह चंदबाजा ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा कैंसर पीड़ितों की मदद के साथ ही उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए गोद लिया गया है। उनकी सोसायटी द्वारा पिछले आठ सालों से फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर व फिरोजपुर के उन कैंसर पीड़ितों के बच्चों को गोद लिया गया है, जिनकी उन्हें जरूरत है। इन बच्चों को सोसाइटी के दानी सज्जनों के सहयोग से स्कूल की फीस प्राइवेट हो या सरकारी के अलावा मौसम के अनुरूप फुल ड्रेस, बैग, किताब, कापियां व स्टेशनरी के अलावा कुछ पैसे जेब खर्च हेतु दिए जाते है, ताकि इन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस समय उनके पास उक्त जिलों के 25 बच्चे गोद लिए गए है, जिन्हें प्रति छह महीने पर उनकी जरूरत की सभी वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाती है।

उन्होंने बताया कि वह पिछले दस सालों में 1180 कैंसर मरीजों को उपचार करवा चुके हैं। इसमें कई ठीक होकर सुखद जीवन-यापन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 2009 में गठित सोसायटी ने पहला कार्य अपने गांव में कैंसर का सर्वेक्षण करवा करवा, फिर 186 ग्राम पंचायतों, देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गवर्नर पंजाब, मुख्यमंत्री व सांसदों को पत्र भेज कर कैंसर पीड़ितों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री राहत कोष का उपयोग कैंसर मरीजों के लिए किए

जाने तथा पंजाब निरोगी योजना से बीपीएल कार्ड की शर्त हटाए जाने की मांग उठाई। संस्था ने 2009 में दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल व मौलाना आजाद अस्पतालों की भांति पंजाब में भी निशुल्क सुविधा शुरू किए जाने के लिए आवाज उठाई। 2010 में संस्था ने

दानी सज्जनों की सहायता से कैंसर के मरीजों को उपचार के लिए दवाइयां और सहायता देनी शुरू की। संस्था द्वारा अब तक 500 से अधिक मरीजों को दवाई की सेवा दी जा चुकी है। 2010 में संस्था ने कैंसर मरीज एवं वारिसों के लिए बस पास की सुविधा दिलाने में अहम भूमिका निभाते हुए तत्कालीन परिवहन मंत्री मास्टर मोहन लाल से यह सुविधा शुरु करवाई। महिलाओं में ज्यादा हो रहा है कैंसर : डा. गर्ग

गुरु गोविद सिंह मेडिकल कालेज के कैंसर विग के एचओडी डॉ प्रदीप गर्ग ने बताया कि कैंसर सभी उम्र के लोगों को हो रहा है। इनमें महिलाएं 60 और

पुरूष 40 फीसद हैं। महिलाओं में छाती व बच्चेदानी जबकि पुरुषों में मुंह

व फेफड़े के कैंसर ज्यादा हो रहे हैं।

गर्ग के अनुसार रोजाना ओपीडी में 25 मरीज नए आते हैं, जिनमें से 7 में कैंसर की पुष्टि होती है। बाक्स-

मरीजों के लिए 24 घंटे चलता है लंगर कैंसर मरीजों के लिए पिछले 11 सालों कैप्टन धर्म सिंह गिल 24 घंटे के

लंगर के तहत भोजन, दूध व जूस के साथ ही कैंसर मरीजों व उनके रिश्तेदारों के रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। अब कैंसर मरीजों के साथ ही सामान्य मरीजों व आम लोगों के लिए भी लंगर चौबीसों घंटे उपलब्ध है, प्रतिदिन औसतन 9 से 10 हजार लोग लंगर ग्रहण कर रहे हैं।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!