70 करोड़ के नकली सिक्के बाजार में खपाए, मोहाली के जीरकपुर में नेटवर्क का खुलासा; सरगना समेत पांच गिरफ्तार
सहारनपुर पुलिस ने जीरकपुर से संचालित 20 रुपये के नकली सिक्कों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सरगना ...और पढ़ें

20 रुपये के नकली सिक्के तैयार कर बाजार में खपाए जाते थे। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
हरियाणा के सोनीपत में छह मशीनों से ढाले जाते थे नकली सिक्के।
नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैला था।
रजिस्टरों के जरिए पूरी सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा।
संवाद सहयोगी, जीरकपुर (मोहाली)। जीरकपुर से संचालित नकली सिक्कों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दावा है कि 70 करोड़ से अधिक के 20 रुपये के नकली सिक्के बाजार में अब तक खपाए जा चुके हैं।
इस मामले में सहारनपुर पुलिस ने जीरकपुर निवासी गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह हरियाणा के सोनीपत में मशीनें लगाकर 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करता था और उन्हें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और हिसाब-किताब के रजिस्टरों के जरिए गिरोह की पूरी सप्लाई चेन खंगाल रही है। सहारनपुर पुलिस के अनुसार बाजार में नकली सिक्के चलने की सूचना के बाद शहर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस गिरोह तक पहुंची और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। रविवार को पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपाने का दावा किया है।
छह मशीनें और दर्जनों डाई बरामद, सोनीपत में चल रही थी टकसाल
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए हैं, जिनका कुल अंकित मूल्य 1.28 लाख रुपये है। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये मूल्य के अधबने सिक्के भी मिले हैं।
सिक्के तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली छह मशीनें, पांच लोहे की डाई, बिना मुहर की 39 डाई, मुहर लगी 20 डाई, डाई पॉलिश करने की मशीन और दो घिसाई पत्थर समेत अन्य उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
आरोप है कि सोनीपत में इन्हीं उपकरणों के जरिए नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। पुलिस को आरोपितों के पास से 500-500 रुपये के 20 नोट, आठ मोबाइल फोन और दो कारें भी मिली हैं। बरामद सामान को जांच के दायरे में लिया गया है।
सात रजिस्टर बताएंगे कहां-कहां पहुंची नकली सिक्कों की खेप
इस कार्रवाई में मिले सात हिसाब-किताब के रजिस्टर पुलिस जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। पुलिस को एक पैड और चेकबुक भी मिली है। अब रजिस्टरों में दर्ज लेन-देन और मोबाइल फोन के संपर्कों की पड़ताल कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली सिक्कों की खेप किन लोगों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैला होने की बात सामने आई है। जीरकपुर निवासी कथित सरगना के पंजाब में संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब में नकली सिक्कों की कितनी खेप भेजी गई, किन शहरों में इन्हें खपाया गया और नेटवर्क से स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
