चंडीगढ़, जेएनएन। स्नेचिंग के मामले में पुलिस जुलाई 2015 में गिरफ्तार किए परमजीत सिंह के केस में अपनी कहानी को साबित नहीं कर पाई और वह बरी हो गया। बरी हुए युवक की पहचान पटियाला निवासी प्रमजीत सिंह के रूप में हुई है।

बचाव पक्ष के वकील रमन सिहाग ने बताया कि पुलिस ने गवाहों की सूची में शिकायतकर्ता का नाम भी शामिल किया हुआ था, लेकिन उसकी कभी गवाही नहीं करवाई। वारदात के समय को लेकर भी सभी पुलिसकर्मियों के अलग-अलग बयान रहे। वहीं पुलिस ने एक शास्त्री मार्केट के दुकानदार रविंद्र कुमार को चश्मदीद गवाह बनाया था, जिसने अपनी गवाही में कहा कि उसने न तो प्रमजीत को भागते हुए पकड़ा और न ही प्रमजीत से उसके सामने कोई रिकवरी हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने कोई सीसीटीवी फुटेज भी पेश नहीं की, जबकि वहां कैमरे मौजूद थे।

दर्ज मामले के मुताबिक, 19 जुलाई,2015 को मध्य प्रदेश निवासी सुशीला कुमारी ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि वह सेक्टर-22 स्थित शास्त्री मार्केट में सामान खरीदकर वापस जा रही थी। तभी रात करीब साढ़े नौ बजे उक्त युवक भागता हुआ आया और उसके गले से सोने की चेन छीनकर स्नेचकर भाग गया। महिला ने शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने युवक को पकड़ लिया और सेक्टर-17 थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

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