गमाडा में ED ने क्यों मारा छापा? पंजाब-चंडीगढ़ में 50 घंटे तक चली रेड खत्म, 30 बैग व हार्ड डिस्क के अलावा और क्या मिला?
पंजाब और चंडीगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 50 घंटे चली कार्रवाई समाप्त हो गई, जिसमें गमाडा मुख्यालय से ...और पढ़ें

गमाडा में ED ने क्यों मारा छापा? फाइल फोटो
HighLights
ईडी की पंजाब-चंडीगढ़ में 50 घंटे की लंबी कार्रवाई समाप्त।
गमाडा मुख्यालय से 30 बैग दस्तावेज, हार्ड डिस्क जब्त।
10 हजार करोड़ रुपये के संभावित नुकसान, बैंक फ्रॉड की जांच।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब और चंडीगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 50 घंटे चली कार्रवाई गुरुवार को खत्म हो गई। ईडी की टीमें पांच-छह गाड़ियों में मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) मुख्यालय से बाहर निकलीं।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारी अपने साथ जब्त दस्तावेजों के करीब 30 बैग और स्कैन किए गए कागजों की हार्ड डिस्क लेकर गए हैं। सूत्रों का दावा है कि पंजाब के एक आइएएस अधिकारी के घर से कैश, सोना-चांदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। हालांकि इस बरामदगी की आधिकारिक विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है।
ईडी ने क्यों की कार्रवाई
गमाडा की जमीनों की नीलामी में रिजर्व प्राइस कथित तौर पर घटाकर पंजाब सरकार और गमाडा को करीब 10 हजार करोड़ रुपये के संभावित नुकसान, रेमिगेट को करीब 57 करोड़ रुपये की वैधानिक देनदारियों में राहत, तिरुपति इंफ्रा से जुड़े 238 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड और अधिकारियों के मोबाइल से कथित हवाला भुगतान की चैट मिलने के दावों के बीच ईडी की कार्रवाई हुई।
जांच के दायरे में प्रधान सचिव विकास गर्ग आईएएस, मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि आईएएस, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक अमरिंदर मल्ही पीसीएस, लैंड एक्विजिशन कलेक्टर रोहित जिंदल पीसीएस और पूर्व मुख्य प्रशासक राजीव गुप्ता आईएएस समेत कई अधिकारी रहे।
गमाडा के फैसलों में बाहरी दखल की जांच
ईडी के अनुसार तिरुपति इंफ्रा मामले की जांच सीबीआई की 238 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड वाली एफआईआर से शुरू हुई। जांच में कैश लेनदेन, बोगस शेयर प्रीमियम और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के अलावा रेमिगेट, एमबी इंफ्राबिल्ड, मेरा बाबा रियलिटी और मेरा बाबा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल हुई।
एजेंसी ने आप नेताओं सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की गमाडा अधिकारियों के साथ कथित अनौपचारिक बैठकों का उल्लेख किया है। ईडी का दावा है कि मास्टर प्लान, नीलामी और अधिग्रहण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में बाहरी प्रभाव की जांच की जा रही है।
लुधियाना में मंत्री के भांजे के घर भी कार्रवाई
मंगलवार से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान ईडी ने पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर सर्च की। बुधवार को लुधियाना में मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर भी कार्रवाई हुई। इसके अलावा रात में टीम चंडीगढ़ स्थित दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के घर पहुंची। इसके बाद पंजाब सरकार देर रात हाई कोर्ट चली गई।
50 घंटे की कार्रवाई पर हाई कोर्ट में सवाल
गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि तलाशी 50 घंटे से अधिक चली और अधिकारियों को दफ्तर में उधार के गद्दों पर सोना पड़ा। सरकार की ओर से इसे केंद्रीय एजेंसी और राज्य के बीच का मामला बताते हुए कहा गया कि इस तरह की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं। ईडी की ओर से एएसजी सत्य पाल जैन और वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज जैन पेश हुए।
हाई कोर्ट ने स्थिति देखने के लिए वारंट अधिकारी राजन नंदा को गमाडा भेजा था। उन्होंने 24 सितंबर तड़के करीब 2:50 बजे कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की और सर्च दस्तावेजों की जांच की। रिपोर्ट में अधिकारियों ने अवैध हिरासत और दबाव से इन्कार किया। ईडी ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामग्री डाउनलोड, कापी और क्लोन करने के लिए अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी थी।
बाद में पंजाब सरकार ने याचिका वापस लेने की मांग की। हाई कोर्ट ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया और उचित कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी। ईडी के मुताबिक गमाडा के किसी अधिकारी को हिरासत में नहीं लिया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद हाउसिंग सेक्रेटरी विकास गर्ग समेत अधिकारी अपने काम पर लौट आए।
